एसआईआर के मुद्दे पर कांग्रेस ने किया आंदोलन का ऐलान

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2 से 8 अक्टूबर तक ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ और ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान, सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग
महासमुंद। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस ने जिले में चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। जिला कांग्रेस कमेटी के अनुसार 2 से 8 अक्टूबर तक ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ और ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान मतदाता सूची में नाम हटाए जाने, चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस सड़क पर उतरेगी।
जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव ने पत्रकारों से चर्चा में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में लिए गए निर्णयों की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि सीईसी को पद से हटाने और उनके कार्यकाल के निर्णयों की जांच के लिए संसद में प्रस्ताव लाने की मांग कांग्रेस तथा विपक्षी दलों द्वारा की जा रही है। राष्ट्रीय स्तर पर भी विपक्षी दलों ने सीईसी के खिलाफ कार्रवाई और एसआईआर को लेकर संयुक्त आंदोलन की रणनीति बनाई है।
महासमुंद में 92,700 नाम हटाए जाने का दावा
विधायक यादव ने दावा किया कि एसआईआर प्रक्रिया के बाद महासमुंद जिले में 92,700 मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से बाहर हुए हैं। उनके अनुसार इनमें महासमुंद विधानसभा क्षेत्र के 28,397, खल्लारी के 20,033, बसना के 21,752 और सरायपाली विधानसभा क्षेत्र के 22,518 मतदाता शामिल हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ की एसआईआर प्रक्रिया का हवाला देते हुए राज्य में बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने पर सवाल उठाया।
‘मतदाता सूची में बदलाव का पूरा ब्योरा सार्वजनिक हो’
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि मतदाता सूची में हुए बदलाव का विधानसभा क्षेत्रवार और कारणवार पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की बुनियाद निष्पक्ष चुनाव पर टिकी है और किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से हटना गंभीर विषय है। पार्टी ने मतदाता सूची से हटाए गए नामों की जानकारी सार्वजनिक करने के साथ बैलेट पेपर से मतदान अथवा व्हीव्ही पैट की 100 प्रतिशत पर्चियों का मिलान कराने की मांग भी रखी है।
उन्होंने 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच रहे मतों के अंतर का उल्लेख करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटने की स्थिति में चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठ सकते हैं। कांग्रेस ने इसी आधार पर मतदाता सूची में किए गए बदलावों की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।
आंबेडकर प्रतिमा से कलेक्टोरेट तक निकलेगा मार्च
जिला कांग्रेस के घोषित कार्यक्रम के अनुसार 2 से 8 अक्टूबर के बीच जिले में विभिन्न चरणों में विरोध-प्रदर्शन किए जाएंगे। जिला स्तर पर प्रदर्शन के बाद डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा, महात्मा गांधी की प्रतिमा अथवा जिला कलेक्टोरेट कार्यालय तक मार्च निकाला जाएगा।
निर्धारित स्थल पर कांग्रेस कार्यकर्ता भारतीय संविधान के अनुच्छेद 326 का सार्वजनिक वाचन करेंगे। इसके बाद कार्यक्रम के समापन पर सीईसी ज्ञानेश कुमार के पुतले का दहन करने की भी घोषणा की गई है।
6 अक्टूबर को दिल्ली में इंडिया गठबंधन का मार्च
कांग्रेस के अनुसार 6 अक्टूबर को नई दिल्ली में इंडिया गठबंधन के सांसद और राष्ट्रीय नेता ‘सेव डेमोक्रेसी’ मार्च निकालेंगे। यह मार्च निर्वाचन आयोग मुख्यालय तक प्रस्तावित है। गठबंधन की ओर से राष्ट्रपति से मुलाकात कर निर्वाचन प्रक्रिया में संस्थागत निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर ज्ञापन सौंपने की भी बात कही गई है। विपक्षी दलों की ओर से सीईसी के खिलाफ संसद में प्रस्ताव लाने की तैयारी हैं।
कांग्रेस ने कहा है कि उसका अभियान मतदाता अधिकारों की सुरक्षा, मतदाता सूची में पारदर्शिता और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया की मांग को लेकर जारी रहेगा। पार्टी ने जिले के नागरिकों से अभियान में सहयोग की अपील की है।
इस दौरान पूर्व विधायक चंद्राकर, शहर कांग्रेस अध्यक्ष गुरमीत चावला, ग्रामीण अध्यक्ष अन्नू चंद्राकर, प्रभारी महामंत्री लक्ष्मण पटेल, पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. रश्मि चंद्राकर, पूर्व नपाध्यक्ष राशि महिलांग, महेन्द्र चंद्राकर, भरत सिंह ठाकुर, सेवन लाल चंद्राकर, समीम खान, गणेश शर्मा, संजय शर्मा और गिरीश पटेल सहित कांग्रेस के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।