बस किराया बढ़ाने के प्रस्ताव पर कांग्रेस का हमला
आलोक चंद्राकर बोले- महंगाई से परेशान जनता पर एक और बोझ डालने की तैयारी, किराया वृद्धि वापस लेकर ईंधन के दाम घटाए सरकार
महासमुंद। यात्री बसों के किराए में प्रस्तावित वृद्धि को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। जीव-जंतु कल्याण बोर्ड छत्तीसगढ़ के उपाध्यक्ष एवं कांग्रेस के प्रदेश संयुक्त महासचिव आलोक चंद्राकर ने आरोप लगाया कि महंगाई से पहले ही परेशान आम जनता पर सरकार अब बस किराया बढ़ाकर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने की तैयारी कर रही है। उन्होंने सरकार से बस किराया वृद्धि का प्रस्ताव तत्काल वापस लेने और पेट्रोल-डीजल के दाम कम कर राहत देने की मांग की है।
चंद्राकर ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से बस किराया बढ़ाने के प्रस्ताव पर सहमति के संकेत दिए गए हैं। परिवहन सचिव के स्तर पर मंत्रिपरिषद की बैठक में इस विषय पर चर्चा होने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि जल्द ही परिवहन मंत्री केदार कश्यप द्वारा नई किराया दरों की घोषणा किए जाने की संभावना है।
प्रस्तावित दरों पर जताई आपत्ति
कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रस्ताव के अनुसार सामान्य सीट वाली बस में शुरुआती पांच किलोमीटर का किराया 10 से बढ़ाकर 12 रुपए किया जाना है। इसके बाद प्रति किलोमीटर 1.75 रुपए किराया वसूले जाने का प्रस्ताव है। चंद्राकर ने कहा कि इससे गरीब, मजदूर, छात्र और रोजाना बस से आवागमन करने वाले लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि बस संचालक पिछले चार वर्षों से किराया बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनका तर्क डीजल, स्पेयर पार्ट्स और बसों के रखरखाव की लागत बढ़ना है। चंद्राकर के मुताबिक सरकार को किराया बढ़ाने के बजाय ईंधन की कीमतों में राहत देने की दिशा में कदम उठाना चाहिए।
‘टैक्स और कमीशन में कटौती करे सरकार’
आलोक चंद्राकर ने कहा कि केंद्र और राज्य दोनों स्तर पर भाजपा की सरकार है। यदि सरकार पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले टैक्स और अन्य शुल्क में कमी करे तो ईंधन की कीमतों में राहत मिल सकती है। इससे बस संचालकों की लागत कम होगी और यात्रियों पर किराया बढ़ाने का दबाव भी कम किया जा सकेगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पहले ही राशन, खाद्य सामग्री, बिजली बिल और जीवन रक्षक दवाइयों की बढ़ती कीमतों से परेशान है। ऐसे में सार्वजनिक परिवहन महंगा होने से सबसे ज्यादा असर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग पर पड़ेगा। उन्होंने सरकार से प्रस्तावित बस किराया वृद्धि पर पुनर्विचार कर जनता को राहत देने की मांग की।
