राजयोग से मन और बुद्धि को परमात्मा से जोड़ने का दिया संदेश

माउंट आबू से पहुंचे ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के धार्मिक प्रभाग अध्यक्ष रामनाथ भाई, विद्यार्थियों को कराया राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास
महासमुंद। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय माउंट आबू, राजस्थान से धार्मिक प्रभाग के अध्यक्ष राजयोगी ब्रह्मा कुमार रामनाथ भाई एक दिवसीय महासमुंद प्रवास पर पहुंचे। स्थानीय सेवाकेंद्र उपकार भवन में ब्रह्माकुमारी बहनों ने आत्म-स्मृति का तिलक लगाकर एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया।
इस अवसर पर गौसिया मस्जिद के सदर मोहम्मद शकील खान, गुरुद्वारा कमेटी के सदस्य सोनू चावला एवं मनजीत गुरु दत्ता ने भी रामनाथ भाई का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत एवं सम्मान किया।
रामनाथ भाई ने कहा कि आज के तनावपूर्ण और व्यस्त जीवन में मन एवं बुद्धि को परमात्मा में एकाग्र करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। राजयोग की शिक्षा व्यक्ति को परमात्मा की स्मृति में रहने, उनसे सर्व संबंध जोड़ने तथा सुख-शांति की अनुभूति करने का मार्ग सिखाती है।
उन्होंने कहा कि जीवन के वास्तविक स्वरूप को समझने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को पांच महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर तलाशने चाहिए—मैं कौन हूं? मेरा स्वरूप क्या है? मेरे गुण क्या हैं? मेरे कर्म क्या हैं? और मैं आया कहां से हूं? उन्होंने कहा कि संसार में सबसे समझदार प्राणी मनुष्य है, इसलिए उसे जीवन से जुड़े इन गहन रहस्यों को जानने और समझने का प्रयास करना चाहिए।
रामनाथ भाई ने बताया कि सात दिवसीय राजयोग शिविर के माध्यम से समाज के हर वर्ग के लोग लाभान्वित हो सकते हैं। राजयोग के अभ्यास से मन को एकाग्र करने और जीवन में सकारात्मकता, शांति एवं संतुलन विकसित करने में सहायता मिलती है।
इस दौरान उन्होंने सेवाकेंद्र में नियमित रूप से आने वाले विद्यार्थियों को राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराया तथा मन को शांत एवं एकाग्र रखने के लिए ध्यान की विधि समझाई।

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