पक्के घर ने पार्वती के परिवार को दिया सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन
कच्चे मकान की परेशानियों से मिली मुक्ति, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण ने पूरा किया पक्के घर का सपना
रायपुर, 26 सितम्बर 2026/गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के पेंड्रा विकासखंड के ग्राम पंचायत कोटमीकला निवासी श्रीमती पार्वती और उनका परिवार लंबे समय से कच्चे मिट्टी के मकान में रहकर जीवन यापन कर रहा था। सीमित संसाधनों के बीच परिवार के लिए पक्के और सुरक्षित घर का सपना लंबे समय से अधूरा था। कच्चे मकान की वजह से परिवार को हर मौसम में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। विशेषकर बारिश के दिनों में घर की स्थिति खराब हो जाती थी और परिवार को अपने सामान तथा सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती थी।
पार्वती बताती हैं कि मिट्टी के कच्चे मकान में बारिश के दौरान घर की दीवारों और अन्य हिस्सों को नुकसान पहुंचने का डर हमेशा बना रहता था। बारिश के पानी से घर को बचाना और घरेलू सामान को सुरक्षित रखना परिवार के लिए चुनौती बन जाता था। इसके अलावा बंदरों के कारण भी घर और घरेलू सामान को नुकसान पहुंचता था। इन परिस्थितियों के बीच परिवार चाहता था कि उन्हें ऐसा पक्का घर मिले, जहां वे बिना किसी चिंता के अपने परिवार के साथ सुरक्षित और सम्मानपूर्वक रह सकें।
*प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण बनी सहारा*
श्रीमती पार्वती के परिवार के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण उम्मीद की किरण बनकर सामने आई। योजना के माध्यम से उन्हें पक्का आवास स्वीकृत हुआ और उनके वर्षों पुराने सपने को साकार होने का अवसर मिला। आवास का निर्माण पूरा होने के बाद परिवार को कच्चे मकान की परेशानियों से स्थायी राहत मिली है।
*पक्का घर बनने के बाद बदली जीवन की तस्वीर*
पक्का मकान मिलने के बाद पार्वती और उनके परिवार के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। अब परिवार को बारिश के मौसम में घर की दीवारों और छत को लेकर चिंता नहीं रहती। घरेलू सामान को सुरक्षित रखने के साथ ही परिवार के सदस्यों को रहने के लिए एक मजबूत और सुरक्षित स्थान मिला है।
पार्वती के लिए यह सिर्फ एक मकान नहीं, बल्कि परिवार के बेहतर भविष्य और सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत है। उनका कहना है कि पहले कच्चे मकान में रहते हुए हर मौसम में किसी न किसी परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब पक्का घर मिलने से परिवार को सुरक्षा, सुविधा और सुकून मिला है। घर के वातावरण में भी सकारात्मक बदलाव आया है और परिवार अब भविष्य को लेकर अधिक आश्वस्त है।
*सुरक्षित आवास से बढ़ा आत्मविश्वास*
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत मिला पक्का आवास गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए केवल सिर पर छत उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीने का आधार भी प्रदान कर रहा है। पार्वती का परिवार भी इसका उदाहरण है। कच्चे मकान की कठिनाइयों से निकलकर अब परिवार अपने पक्के घर में सुरक्षित जीवन व्यतीत कर रहा है।
पार्वती ने अपने परिवार की इस खुशी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि पक्का घर उनके परिवार के लिए बहुत बड़ी खुशी और राहत लेकर आया है। अब उनका परिवार बारिश, मौसम की मार और कच्चे मकान से जुड़ी परेशानियों से मुक्त होकर अपने नए घर में खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहा है।
पार्वती के परिवार की कहानी यह बताती है कि जब जरूरतमंद परिवारों को योजनाओं का लाभ मिलता है, तो सरकारी योजनाएं उनके जीवन में वास्तविक बदलाव का माध्यम बनती हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के माध्यम से मिला पक्का घर उनके परिवार के लिए सुरक्षा, सम्मान, सुविधा और बेहतर भविष्य की मजबूत नींव बन गया है।
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बाढ़ का खतरा: नारायणपुर में माड़ीन नदी के बीच पेड़ पर फंसे ग्रामीण का सफल रेस्क्यू
खतरे के मुहाने पर बसे 9 परिवार भी शिफ्ट
रायपुर, 26 सितंबर 2026/नारायणपुर जिले में लगातार जारी मूसलाधार बारिश के चलते नदियां उफान पर हैं। इस बीच, माड़ीन नदी के अचानक बढ़ते जलस्तर के कारण ग्राम तारागांव में बाढ़ के पानी के बीच फंसे 55 वर्षीय ग्रामीण को जिला प्रशासन, पुलिस और नगर सेना की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सकुशल बाहर निकाल लिया।
वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश तथा कलेक्टर के मार्गदर्शन में चलाए गए इस रेस्क्यू ऑपरेशन में बचाव दल ने अदम्य साहस का परिचय दिया।
*बैल खोलने गए थे खेत, पेड़ ने बचाई जान*
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम तारागांव निवासी गोपी राम पटेल (55 वर्ष) नदी किनारे स्थित अपने खेत में बंधे बैल को खोलने गए थे। उसी दौरान नदी का जलस्तर अप्रत्याशित रूप से तेजी से बढ़ गया, जिससे वे चारों तरफ से पानी से घिर गए। जान बचाने के लिए वे पास ही स्थित एक आम के पेड़ पर चढ़ गए और घंटों उसी के सहारे फंसे रहे।
सूचना मिलते ही एसडीओपी छोटेडोंगर, जिला सेनानी (नगर सेना) के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी धौड़ाई के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद टीम ने सूझबूझ से गोपी राम को सुरक्षित निकाल लिया। रेस्क्यू के बाद उन्हें तुरंत धौड़ाई स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उनके स्वास्थ्य की जांच की और भोजन उपलब्ध कराया।
*कलमानार में 09 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर कराया गया शिफ्ट*
जिले के ओरछा विकासखंड अंतर्गत ग्राम कलमानार में भी नदी का जलस्तर खतरे के निशान के पास पहुंच गया है। सम्भावित आपदा को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशीलता दिखाते हुए नदी किनारे बसे 09 परिवारों को समय रहते सुरक्षित स्थानों और उनके रिश्तेदारों के यहाँ शिफ्ट करा दिया है। प्रशासन की टीमों द्वारा प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और बुनियादी जरूरतों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
*आपात स्थिति के लिए कंट्रोल रूम नंबर जारी*
भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए जिला प्रशासन ने नागरिकों से सतर्कता बरतने की अपील की है। लोगों को उफनते नदी-नालों, निचले इलाकों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति या जलभराव की सूचना देने के लिए जिला कंट्रोल रूम के दूरभाष क्रमांक 07781-252214 पर संपर्क किया जा सकता है।
