सेवा संकल्प अभियान के तहत धमतरी में ड्रोन टेक्नोलॉजी का 5 दिवसीय बूटकैंप शुरू

विद्यार्थियों को ड्रोन असेंबली, इंटीग्रेशन और फ्लाइंग का मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण
धमतरी, 21 सितंबर 2026/सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत भोपाल राव पवार शासकीय पॉलीटेक्निक, धमतरी में विद्यार्थियों को आधुनिक एवं उभरती तकनीकों से जोड़ने की दिशा में पांच दिवसीय “Bootcamp on UAS Technology / Drone Technology” का आज शुभारंभ हुआ। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), भारत सरकार के SwaYaan प्रोजेक्ट एवं प्रगत संगणन विकास केन्द्र (C-DAC), हैदराबाद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह बूटकैंप 21 से 25 सितंबर 2026 तक चलेगा।
“Build Skills – Fly Innovation” थीम पर आधारित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को ड्रोन एवं Unmanned Aircraft System (UAS) तकनीक की सैद्धांतिक जानकारी के साथ-साथ व्यावहारिक, तकनीकी एवं रोजगारोन्मुखी कौशल प्रदान करना है। प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को ड्रोन तकनीक के विभिन्न आयामों, इसके औद्योगिक उपयोग तथा भविष्य की संभावनाओं से परिचित कराया जा रहा है।
बूटकैंप में विद्यार्थियों को ड्रोन असेंबली, इंटीग्रेशन एवं फ्लाइंग का हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण, ड्रोन के विभिन्न घटकों एवं प्रणालियों की कार्यप्रणाली, उड़ान संचालन तथा तकनीकी प्रक्रियाओं की जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही DGCA के प्रासंगिक नियमों एवं नियामक अनुपालन, सुरक्षा मानकों तथा ड्रोन संचालन से जुड़े आवश्यक पहलुओं पर भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। लाइव प्रोजेक्ट एवं विभिन्न प्रायोगिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को कक्षा में अर्जित ज्ञान को वास्तविक परिस्थितियों में लागू करने का अवसर मिल रहा है।
कार्यक्रम में C-DAC, हैदराबाद के प्रोजेक्ट लीड एम. प्रणय द्वारा विद्यार्थियों को ड्रोन तकनीक, इसके उपयोग एवं व्यावहारिक अनुप्रयोगों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रशिक्षण में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि ड्रोन तकनीक कृषि, सर्वेक्षण, आपदा प्रबंधन, आधारभूत संरचना, सुरक्षा, पर्यावरण निगरानी सहित अनेक क्षेत्रों में तेजी से उपयोग में आ रही है। ऐसे में विद्यार्थियों के लिए इस तकनीक की समझ और व्यावहारिक दक्षता भविष्य में नए अवसरों के द्वार खोल सकती है।
बूटकैंप के दौरान विद्यार्थियों को केवल तकनीकी प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि नवाचार, समस्या समाधान, टीमवर्क और प्रोजेक्ट आधारित कार्यप्रणाली के माध्यम से आधुनिक तकनीकी परिवेश के अनुरूप तैयार करने पर भी जोर दिया जा रहा है। इस प्रकार का प्रशिक्षण विद्यार्थियों में तकनीकी आत्मविश्वास विकसित करने के साथ उन्हें उद्योग की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल अर्जित करने में सहायक होगा।
बूटकैंप के सफलतापूर्वक पूर्ण होने पर प्रतिभागी विद्यार्थियों को MeitY एवं C-DAC द्वारा संयुक्त रूप से प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा। यह प्रमाण-पत्र विद्यार्थियों के तकनीकी कौशल एवं प्रशिक्षण अनुभव को प्रमाणित करने के साथ उनके आगामी शैक्षणिक एवं रोजगारपरक अवसरों में उपयोगी साबित होगा।
संस्था के प्राचार्य अमित मिश्रा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में तकनीकी शिक्षा का दायरा तेजी से विस्तृत हो रहा है। ड्रोन जैसी उभरती तकनीकों में दक्षता विद्यार्थियों को पारंपरिक रोजगार के साथ-साथ नवाचार, स्टार्टअप एवं स्वरोजगार की नई संभावनाओं से भी जोड़ सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों से इस प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाते हुए प्रयोगधर्मी सोच विकसित करने और तकनीकी ज्ञान को वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान से जोड़ने का आह्वान किया।
यह बूटकैंप संस्था के सभी वर्षों एवं सभी शाखाओं के विद्यार्थियों के लिए तकनीकी ज्ञान और कौशल संवर्धन का महत्वपूर्ण अवसर है। प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को “सीखने से प्रयोग और प्रयोग से नवाचार” की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।
कार्यक्रम का आयोजन एवं समन्वय संस्था के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल द्वारा किया जा रहा है। सेल द्वारा विद्यार्थियों को तकनीकी प्रशिक्षण, उद्योगोन्मुखी कौशल, व्यावसायिक दक्षता तथा रोजगार एवं स्वरोजगार की संभावनाओं से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत आयोजित यह बूटकैंप तकनीकी शिक्षा को नई दिशा देने के साथ विद्यार्थियों में कौशल, नवाचार, व्यावहारिक दक्षता और आत्मनिर्भरता की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। ड्रोन तकनीक जैसे भविष्य के क्षेत्रों में युवाओं को दक्ष बनाकर उन्हें बदलती तकनीकी अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करने की दिशा में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

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