राज्य महिला आयोग ने सुनी महिलाओं की शिकायतें, 13 मामलों पर हुई सुनवाई
बिलासपुर, 21 सितम्बर 2026/छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू की अध्यक्षता में आज जल संसाधन विभाग स्थित प्रार्थना सभाकक्ष में जनसुनवाई आयोजित की गई। जनसुनवाई में जिले में महिला उत्पीड़न एवं महिला संबंधी शिकायतों से जुड़े कुल 13 प्रकरणों पर सुनवाई की गई। आयोग की अध्यक्ष ने उपस्थित पक्षकारों की समस्याएं और उनके पक्ष सुने तथा प्रकरणों की स्थिति के अनुसार आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान एक प्रकरण में आवेदिका और अनावेदक दोनों पक्ष उपस्थित हुए। दोनों पक्षों ने आपसी मतभेद समाप्त कर आपसी सहमति से साथ रहने की बात कही। उन्होंने भविष्य में आपस में लड़ाई-झगड़ा नहीं करने पर भी सहमति व्यक्त की। दोनों पक्षों के बीच समझौता होने के बाद आयोग द्वारा प्रकरण को नस्तीबद्ध करने की कार्रवाई की गई। एक अन्य प्रकरण में आवेदिका उपस्थित हुईं, जबकि अनावेदक अनुपस्थित रहा। प्रकरण भरण-पोषण से संबंधित था तथा आवेदिका का आवेदन न्यायालय में लंबित होना बताया गया। प्रकरण में दूसरी पत्नी से संबंधित विषय होने के कारण आवेदिका के अधिवक्ता से आवश्यक चर्चा कर प्रकरण को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने के संबंध में कहा गया। अनावेदक के मुंगेली जिले में वर्ग-2 शिक्षक के पद पर पदस्थ होने की जानकारी के आधार पर शिक्षा विभाग, मुंगेली को आवश्यक पत्र प्रेषित करने की कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसी तरह एक अन्य प्रकरण में आवेदिका उपस्थित हुईं, जबकि अनावेदक उपस्थित नहीं हुआ। आयोग द्वारा अनावेदक से दूरभाष पर संपर्क किया गया। अनावेदक ने सुनवाई की तारीख को लेकर गलतफहमी होने की बात कही। इस प्रकरण को आगामी सुनवाई के लिए रखा गया।
एक प्रकरण में आवेदिका की सुपुत्री उपस्थित हुईं और उनके द्वारा आवेदन प्रस्तुत किया गया। उन्होंने बताया कि आगामी सुनवाई में आवेदिका स्वयं उपस्थित होंगी। आयोग द्वारा प्रकरण को आगामी सुनवाई के लिए रखा गया। एक अन्य प्रकरण में आवेदिका अनुपस्थित रहीं, जबकि अनावेदकगण उपस्थित हुए। आयोग द्वारा आवेदिका से दूरभाष पर संपर्क किया गया तथा निर्धारित समय तक उनकी उपस्थिति नहीं होने पर अनावेदकगण का पक्ष सुना गया। अनावेदकगण द्वारा आवेदिका की ओर से विभिन्न स्थानों पर शिकायत किए जाने सहित अन्य तथ्य आयोग के समक्ष रखे गए। प्रकरण में धर्म परिवर्तन से संबंधित विषय सामने आने पर संबंधित थाना सिविल लाइन से आवश्यक जानकारी प्राप्त करने तथा मामले में नियमानुसार उचित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। आयोग द्वारा प्रकरण की आगामी सुनवाई में आवेदिका को उपस्थित होने के लिए बुलाए जाने तथा अनावेदकगण को नहीं बुलाए जाने का निर्णय लिया गया।
