विश्वकर्मा जयंती पर नर्रा में गूंजे लोकगीत, थिरके कदम
चंद्रहास चंद्राकर ने पूजा-अर्चना कर किया सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ, श्रमिकों और कारीगरों के योगदान को किया नमन
महासमुंद। ग्राम नर्रा में भगवान विश्वकर्मा जयंती के पावन अवसर पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर ने भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना एवं दीप प्रज्वलन कर किया। उन्होंने प्रदेश की समृद्धि, खुशहाली और क्षेत्र के विकास की कामना की। इस अवसर पर ग्रामीणों ने मुख्य अतिथि का भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया।
समारोह को संबोधित करते हुए चंद्रहास चंद्राकर ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा सृष्टि के प्रथम शिल्पी और निर्माण के देवता हैं। विश्वकर्मा जयंती उन श्रमिकों, कारीगरों, किसानों और निर्माण कार्य से जुड़े लोगों के योगदान को नमन करने का अवसर है, जो अपने परिश्रम से समाज और देश के नवनिर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों, मजदूरों और ग्रामीण अंचलों के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। कृषि क्षेत्र में उन्नत बीज और आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराकर किसानों को सशक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
सांस्कृतिक संध्या में स्थानीय एवं लोक कलाकारों ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, गीत-संगीत और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। प्रस्तुतियों का ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक आनंद लिया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष भीखम ठाकुर, अल्का नरेश चंद्रकार, एवन साहू, रूपेश साहू, लता कुम्हार, किरण यदु, चिंतामणि चंद्राकर, परमेश्वर पटेल सहित जनप्रतिनिधि, आयोजक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
