फर्जी एनओसी से 23.35 टन खैर लकड़ी का खेल, आरोपी के घर से 81 लाख नकद बरामद
पुलिस की बड़ी कार्रवाई, मुड़पार स्थित मकान में रेड, 500-500 के नोटों की 162 गड्डियां मिलीं; अपराध से अर्जित संपत्ति मानकर कुर्की की कार्रवाई शुरू
महासमुंद। खैर लकड़ी के अवैध परिवहन के लिए कथित तौर पर फर्जी एनटीपीएस एनओसी तैयार कर उसका असल दस्तावेज की तरह इस्तेमाल करने और धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने प्रकरण के आरोपी मनीष अग्रवाल के ग्राम मुड़पार, थाना सरसींवा, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ स्थित मकान में तलाशी लेकर 81 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। बरामद रकम को पुलिस ने जब्त कर लिया है तथा इसे अपराध से अर्जित संपत्ति मानते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 107 के तहत कुर्की की कार्रवाई शुरू की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, वन परिक्षेत्र अधिकारी पिथौरा के आवेदन पर 23,350 किलोग्राम खैर लकड़ी के अवैध परिवहन के लिए प्रयुक्त एनटीपीएस एनओसी में कूटरचना कर उसे वास्तविक दस्तावेज के रूप में इस्तेमाल करने तथा धोखाधड़ी के मामले में थाना पिथौरा में अपराध दर्ज किया गया है।
न्यायालय से सर्च वारंट लेकर पहुंची पुलिस
जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी मनीष अग्रवाल के मुड़पार स्थित मकान की तलाशी के लिए न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त किया। इसके बाद 7 सितंबर 2026 को महासमुंद पुलिस की टीम ने ग्राम मुड़पार स्थित मकान में तलाशी कार्रवाई की। तलाशी के दौरान मकान के केयरटेकर और गवाहों की मौजूदगी में एक थैला बरामद हुआ।
500-500 के नोटों की 162 गड्डियां
पुलिस के मुताबिक, बरामद थैले में 500 रुपये के नोटों की 162 गड्डियां मिलीं। इनमें कुल 16,200 नोट थे, जो कुल 81 लाख रुपये निकला। पुलिस ने मौके पर रकम को जब्त कर लिया।
कई धाराओं में दर्ज है अपराध
पुलिस ने बताया कि प्रकरण में धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2), 3(5), 111 बीएनएस, 25 आर्म्स एक्ट तथा भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 42(1), सहपठित धारा 41(2)(ख)(घ) और धारा 52(1) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है।
अपराध की कमाई पर चोट, कुर्की के लिए न्यायालय में आवेदन
पुलिस के अनुसार, जब्त की गई 81 लाख रुपये की नकदी को अपराध से अर्जित संपत्ति मानते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 107 के प्रावधानों के तहत न्यायालय के समक्ष इसकी विधिवत कुर्की के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया है। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य आरोपी को अपराध से अर्जित आर्थिक लाभ से वंचित करना है।
