महासमुंद में पहली बार एक मंच पर दिखे 55 स्वतंत्रता सेनानियों के छायाचित्र

लोहिया चौक पर लगी ऐतिहासिक प्रदर्शनी में उमड़ा जनसैलाब, सेनानी पुरखों को किया नमन
महासमुंद। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर महासमुंद के लोहिया चौक में जिले के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के छायाचित्रों की अनूठी प्रदर्शनी लगाई गई। जिले में पहली बार स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के चित्र एक साथ एक मंच पर प्रदर्शित किए गए। प्रदर्शनी में 55 स्वतंत्रता सेनानियों के छायाचित्र पूरे सम्मान और गरिमा के साथ लगाए गए। देशभक्ति गीतों की गूंज के बीच लोगों ने अपने सेनानी पुरखों की तस्वीरें देखीं, उनका परिचय जाना और उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।
आजादी के आंदोलन में महासमुंद की भी रही महत्वपूर्ण भूमिका
स्वतंत्रता आंदोलन में महासमुंद अंचल की भागीदारी इतिहास का गौरवपूर्ण अध्याय है। राष्ट्रीय चेतना के प्रसार और महात्मा गांधी के आह्वान पर नगर सहित पूरे अंचल के लोग स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल हुए। अनेक लोगों ने ब्रिटिश हुकूमत के दमन का सामना किया। पुलिस की प्रताड़ना और जेल की यातनाएं सहीं, लेकिन आजादी की ज्वाला उनके भीतर लगातार प्रज्वलित रही। शासकीय अभिलेखों में जिले के 100 से अधिक स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नाम दर्ज हैं।
सेनानी परिवारों तक भी उपलब्ध नहीं कई तस्वीरें
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन, जिला महासमुंद के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शनी का उद्देश्य स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृतियों को सहेजना और नई पीढ़ी को उनके योगदान से परिचित कराना रहा। संगठन के अनुसार कई स्वतंत्रता सेनानियों के छायाचित्र उनके परिवारों के पास भी उपलब्ध नहीं हैं। स्वतंत्रता सेनानी स्व. बौदा नामदेव के पौत्र शेषनारायण नामदेव के विशेष प्रयास और संयोजन से यह प्रदर्शनी आयोजित की गई।
सुबह से शाम तक उमड़ा लोगों का हुजूम
प्रदर्शनी का औपचारिक शुभारंभ मोती उद्यान में तिरंगे को सलामी के साथ हुआ। स्वतंत्रता सेनानी स्व. नारायण लाल चंद्राकर की धर्मपत्नी श्रीमती खेमिन बाई चंद्राकर ने ध्वजारोहण किया। इसके बाद सुबह से शाम तक प्रदर्शनी स्थल पर सैकड़ों नागरिकों, स्कूली बच्चों, कॉलेज विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों, पत्रकारों और प्रशासनिक अधिकारियों का तांता लगा रहा।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने प्रशासनिक अधिकारियों की पूरी टीम के साथ प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने सेनानियों के छायाचित्रों और उनके योगदान से संबंधित जानकारी देखी।
राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी पहुंचकर सराहा आयोजन
प्रदर्शनी का अवलोकन करने वालों में महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, खल्लारी विधायक एवं कांग्रेस जिलाध्यक्ष द्वारिकाधीश यादव, बीज निगम अध्यक्ष चन्द्रहास चंद्राकर, भाजपा जिलाध्यक्ष येतराम साहू, पूर्व राज्यमंत्री पूनम चंद्राकर, पूर्व विधायक विनोद चंद्राकर, नगर पालिका अध्यक्ष निखिलकांत साहू, कांग्रेस की पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. रश्मि चंद्राकर, वरिष्ठ कांग्रेस नेता दाऊलाल चंद्राकर, पारस चोपड़ा, रमेश साहू और आप नेता राकेश झाबक सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रमुख एवं जनप्रतिनिधि शामिल रहे। सभी ने इस पहल की सराहना की।
इस अवसर पर स्वतंत्रता सेनानी स्व. रामलाल चंद्राकर की धर्मपत्नी अहिल्या बाई चंद्राकर, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के जिला संरक्षक अधिवक्ता प्रलय थिटे, जिलाध्यक्ष नारायण नामदेव, उपाध्यक्ष चित्रसेन गिरी, कुबेर प्रकाश गिरी, श्रीधर चंद्राकर सहित विभिन्न सेनानी परिवारों के सदस्य उपस्थित रहे।
नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने वाली पहल
यह प्रदर्शनी केवल छायाचित्रों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि महासमुंद अंचल के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास और बलिदानों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास बनी। सेनानी पुरखों की तस्वीरों के सामने खड़े बच्चों और युवाओं में अपने क्षेत्र के स्वतंत्रता सेनानियों को जानने की उत्सुकता दिखाई दी। स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित इस पहल ने नागरिकों को यह संदेश भी दिया कि आजादी की विरासत को याद रखना और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना सामूहिक जिम्मेदारी है।