7 दिनों से स्कूल में तालाबंदी, शिक्षक की मांग को लेकर सड़क पर उतरे छात्र, 150 विद्यार्थियों के भविष्य पर संकट

सरायपाली विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जम्हारी में महज तीन शिक्षकों के भरोसे संचालित हो रही पढ़ाई
महासमुंद। जिले के सरायपाली विकासखंड स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जम्हारी में शिक्षकों की भारी कमी को लेकर विद्यार्थियों का आक्रोश अब आंदोलन में बदल गया है। स्कूल में विषयवार शिक्षकों की नियुक्ति की मांग को लेकर छात्र-छात्राएं पिछले सात दिनों से स्कूल में तालाबंदी कर धरने पर बैठे हैं। लगातार आंदोलन के बावजूद अब तक समस्या का समाधान नहीं होने से विद्यार्थियों और पालकों में गहरी नाराजगी व्याप्त है।
जानकारी के अनुसार विद्यालय में लगभग 150 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जबकि पूरे स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था सिर्फ तीन शिक्षकों के भरोसे संचालित हो रही है। इतने कम शिक्षकों के कारण विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई नहीं मिल पा रही है और कई महत्वपूर्ण विषयों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो गई है।
छात्रों ने बताया कि विद्यालय में गणित, संस्कृत, अर्थशास्त्र, भूगोल, सामाजिक विज्ञान तथा राजनीति विज्ञान जैसे प्रमुख विषयों के शिक्षक वर्षों से पदस्थ नहीं हैं। इन विषयों के अभाव में विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि बिना शिक्षकों के केवल औपचारिक रूप से कक्षाएं संचालित की जा रही हैं, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है।
स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि शिक्षकों की कमी के कारण वर्ष 2019-20 में विद्यालय का विज्ञान संकाय (साइंस स्ट्रीम) भी बंद करना पड़ा। इसके बाद से विद्यालय में कक्षा 11वीं में केवल कला संकाय (आर्ट्स) संचालित हो रहा है। लेकिन विडंबना यह है कि कला संकाय में भी आवश्यक विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है।
आक्रोशित विद्यार्थियों का कहना है कि उन्होंने कई बार विद्यालय प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों को अपनी समस्या से अवगत कराया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मजबूर होकर उन्हें स्कूल में तालाबंदी कर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। छात्रों का स्पष्ट कहना है कि जब तक सभी रिक्त विषयों के शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
विद्यार्थियों ने शासन और शिक्षा विभाग से मांग की है कि विद्यालय में तत्काल विषयवार शिक्षकों की पदस्थापना की जाए, ताकि उनकी नियमित पढ़ाई शुरू हो सके और भविष्य से खिलवाड़ बंद हो। दूसरी ओर, क्षेत्र के अभिभावकों और ग्रामीणों ने भी विद्यार्थियों के आंदोलन का समर्थन करते हुए सरकार से शीघ्र समाधान की मांग की है।
छात्र एवं पालकों को आश्वस्त किया गया है, और धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया है। एक दो दिनों में शिक्षकों की व्यवस्था कर दिया जाएगा।
प्रकाश मांझी, सहयाक संचालक, शिक्षा विभाग महासमुंद

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