राम मंदिर चंदा और चढ़ावे की सुप्रीम कोर्ट निगरानी में जांच हो : कांग्रेस

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वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेन्द्र तिवारी ने प्रेसवार्ता में केंद्र सरकार, भाजपा और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर उठाए सवाल, फॉरेंसिक ऑडिट और जवाबदेही की मांग
महासमुंद। कांग्रेस कमेटी ने गुरुवार को आयोजित एक प्रेसवार्ता में अयोध्या स्थित राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्र किए गए चंदे तथा मंदिर में प्राप्त चढ़ावे के उपयोग और प्रबंधन को लेकर केंद्र सरकार, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर गंभीर सवाल उठाए। प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजेन्द्र तिवारी ने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जानी चाहिए।
राजेन्द्र तिवारी ने कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों भारतीयों की आस्था, विश्वास और संस्कृति के प्रतीक हैं। देशभर के श्रद्धालुओं ने मंदिर निर्माण के लिए श्रद्धापूर्वक दान दिया था, इसलिए उस धनराशि और मंदिर में प्राप्त चढ़ावे के उपयोग में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस मामले में उठ रहे सवाल केवल आर्थिक अनियमितताओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाओं और विश्वास से भी जुड़े हुए हैं।
चंदा और चढ़ावे के प्रबंधन पर उठाए सवाल
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पहले मंदिर निर्माण के लिए चंदा संग्रह को लेकर अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे और अब मंदिर में प्राप्त चढ़ावे के प्रबंधन तथा वित्तीय पारदर्शिता को लेकर भी गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं। पार्टी का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच होना आवश्यक है, ताकि श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखा जा सके।
इस्तीफों का किया उल्लेख
प्रेसवार्ता में राजेन्द्र तिवारी ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। उन्होंने दावा किया कि ट्रस्ट की वित्तीय पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। कांग्रेस ने यह भी कहा कि विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में ट्रस्ट के संचालन, नियुक्तियों और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े कई तथ्य सामने आए हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के खर्च पर भी सवाल
कांग्रेस ने राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा समारोह सहित अन्य बड़े आयोजनों में हुए खर्चों की भी जांच कराने की मांग की। पार्टी का कहना है कि पूरे मामले का फॉरेंसिक ऑडिट कराया जाए और उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, ताकि श्रद्धालुओं के समक्ष सभी तथ्य स्पष्ट हो सकें।
केंद्र सरकार से पूछे ये सवाल
प्रेसवार्ता के दौरान कांग्रेस ने केंद्र सरकार से कई सवाल पूछे। पार्टी ने जानना चाहा कि यदि पूरे मामले में सब कुछ पारदर्शी था तो शीर्ष पदाधिकारियों के इस्तीफे क्यों हुए? केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई और शीर्ष स्तर पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई? प्रधानमंत्री की जवाबदेही क्या है? तथा सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराने में आपत्ति क्यों है?
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
कांग्रेस ने इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सार्वजनिक जवाब देने की मांग की। साथ ही कथित अनियमितताओं में शामिल लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग कर नया पारदर्शी ट्रस्ट गठित करने तथा चंदे, चढ़ावे और खर्च का पूर्ण फॉरेंसिक ऑडिट कर रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग भी रखी। पत्रकार वार्ता में शहर अध्यक्ष गुरमीत सिंह चावला, पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. रश्मि चंद्राकर, दाऊलाल चंद्राकर, सेवनलाल चंद्राकर, संजय शर्मा, अन्नू चंद्राकर समेत कार्यकर्तागण मौजूद रहे।

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