अब मूल पदस्थापना स्थल पर लौटना होगा: गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों को शिक्षा विभाग का अल्टीमेटम
महासमुंद। लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ ने विभाग के गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के लिए सख्त आदेश जारी करते हुए सभी प्रकार के संलग्नीकरण (अटैचमेंट) तत्काल प्रभाव से समाप्त करने की घोषणा की है। संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि जिन कर्मचारियों को उनकी मूल पदस्थापना वाली संस्था या कार्यालय में वापस भेजा गया है, वे एक सप्ताह के भीतर वहां कार्यभार ग्रहण कर ऑनलाइन ऐप के माध्यम से नियमित उपस्थिति दर्ज कराना सुनिश्चित करें। आदेश का पालन नहीं करने वाले कर्मचारियों का जुलाई 2026 का वेतन रोक दिया जाएगा, साथ ही उनके विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक द्वारा 14 जुलाई 2026 को जारी आदेश में बताया गया है कि इससे पहले भी विभाग द्वारा 12 जून, 17 जून, 25 जून और 7 जुलाई 2026 को लगातार निर्देश जारी कर शालाओं एवं कार्यालयों में कार्यरत सभी गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों की ऑनलाइन उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा संलग्नीकरण समाप्त कर मूल संस्था में कार्य करने के निर्देश दिए गए थे।
निर्देशों के बावजूद नहीं लौटे कर्मचारी
विभाग के संज्ञान में आया है कि अनेक गैर-शैक्षणिक कर्मचारी संलग्नीकरण समाप्त किए जाने के बाद भी अपनी मूल पदस्थापना वाले विद्यालय अथवा कार्यालय में उपस्थित नहीं हो रहे हैं और न ही ऑनलाइन ऐप के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। संचालनालय ने इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 का उल्लंघन तथा कदाचार माना है।
एक सप्ताह का अंतिम अवसर
आदेश में कहा गया है कि सभी गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से संलग्नीकरण संस्था से कार्यमुक्त माना जाएगा। उन्हें आदेश जारी होने की तिथि से एक सप्ताह के भीतर अपनी मूल संस्था या कार्यालय में उपस्थित होकर ऑनलाइन पंजीयन एवं उपस्थिति दर्ज करानी होगी।
वेतन रोकने के साथ होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
लोक शिक्षण संचालनालय ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई कर्मचारी निर्धारित अवधि में मूल पदस्थापना स्थल पर उपस्थित नहीं होता अथवा ऑनलाइन उपस्थिति सुनिश्चित नहीं करता है, तो उसका जुलाई 2026 का वेतन रोक दिया जाएगा। इसके अलावा शासन के आदेशों की अवहेलना करने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय नियमों के तहत कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
यह आदेश शिक्षा विभाग में लंबे समय से चल रही संलग्नीकरण व्यवस्था पर सख्ती का संकेत माना जा रहा है। विभाग का उद्देश्य सभी गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों की वास्तविक पदस्थापना वाले कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कर प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाना है।
