जिला खनिज संस्थान न्यास अंतर्गत शासी परिषद समिति की बैठक सम्पन्न
585 लाख रुपए के विकास कार्यों का अनुमोदन
महासमुंद 18 जून 2026/ सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी के मुख्य आतिथ्य एवं कलेक्टर एवं जिला खनिज न्यास के अध्यक्ष विनय कुमार लंगेह की अध्यक्षता में जिला खनिज संस्थान न्यास की शासी परिषद समिति की बैठक आज जिला पंचायत के सभाकक्ष में संपन्न हुई। इस अवसर पर बसना विधायक संपत अग्रवाल, खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव, सरायपाली विधायक श्रीमती चातुरीनंद, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मांेगरा पटेल, जनपद पंचायतों के अध्यक्ष, नगरीय निकायों के अध्यक्ष, प्रतिनिधि, सदस्य, कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर रवि साहू सहित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में छत्तीसगढ़ राजपत्र के अंतर्गत संशोधित छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास नियम, 2015 (संशोधन 2025) के प्रावधानों के अनुसार प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्रों की तैयार की अद्यतन सूची पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में न्यास की आय-व्यय की स्थिति की समीक्षा करते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लेखा परीक्षण, वार्षिक कार्य योजना का अनुमोदन किया गया। अपर कलेक्टर रवि साहू ने बेसलाइन सर्वेक्षण एवं पंचवर्षीय परिप्रेक्ष्य योजना के संबंध में जानकारी प्रस्तुत किया। जिसके अनुसार न्यास के निधियों का उपयोग उच्च प्राथमिकता के सेक्टरों में 70 प्रतिशत एवं अन्य प्राथमिकताओं के सेक्टरों में 30 प्रतिशत तक व्यय किया जाएगा। बैठक में न्यास के निधियों पर रोक संबंधी दिशा निर्देशों के संबंध में भी अवगत कराया गया। जिसके तहत बताया गया कि एक परियोजना जो प्रभावी क्षेत्रों के लोगों के लाभ के लिए है, लेकिन जिले के भौगोलिक सीमा की परेय तक फेली है। उसे राज्य सरकार की पूर्व मंजूरी के पश्चात जिला खनिज न्यास मद के तहत शुरू किया जाना चाहिए। इसके अलावा किसी भी तरीके से कोई भी निधि एक जिले से दूसरे जिले में अंतरित नहीं की जाएगी। खनिज विभाग द्वारा बताया गया कि जिले में फर्शी पत्थर, निम्न श्रेणी चूना पत्थर, ग्रेनाइट, मुरूम एवं साधारण रेत का उत्पादन होता है। साथ ही यह जानकारी दी गई कि जिले के भालूकोना एवं जामनीडीह में निकिल, क्रोमियम एवं पीजीई के पाए जाने की संभावना है, जिस पर कार्रवाई जारी है। बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में नई योजनाओं हेतु कुल 165.55 लाख रुपए की राशि शेष है। उक्त राशि का दोगुना 585 लाख रुपए के कार्यों का सेक्टरवार अनुमोदन किया गया।
कलेक्टर लंगेह ने कहा कि डीएमएफ की राशि का उपयोग पूरी पारदर्शिता एवं नियमों के अनुरूप खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल एवं बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध ढंग से कार्य पूर्ण करने, लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने तथा सभी आवश्यक दस्तावेज समय पर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
