एक करोड़ 12 लाख रुपये से अधिक के धान गबन मामले में केंद्र प्रभारी गिरफ्तार

नरसैयापल्लम धान उपार्जन केंद्र में 3,642 क्विंटल से अधिक धान की कमी मिली, जांच में सामने आया करोड़ों रुपये का घोटाला
महासमुंद। जिले के बसना थाना क्षेत्र के नरसैयापल्लम धान उपार्जन केंद्र में करोड़ों रुपये के धान गबन के मामले में केंद्र प्रभारी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित पिरदा के शाखा प्रबंधक उसत कुमार प्रधान ने 29 मई 2026 को थाना बसना में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति आरंगी अंतर्गत संचालित धान उपार्जन केंद्र नरसैयापल्लम में 16 मई 2026 को प्रशासनिक जांच दल द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन के दौरान 3,642.72 क्विंटल (9,107 कट्टा) मोटा धान कम पाया गया।
जांच में सामने आया कि समर्थन मूल्य तथा कृषक उन्नति योजना की राशि को मिलाकर कुल 1 करोड़ 12 लाख 92 हजार 432 रुपये मूल्य के धान का गबन किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना बसना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(5) के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
विवेचना के दौरान पुलिस ने धान उपार्जन केंद्र के प्रभारी महेन्द्र प्रधान (57 वर्ष), पिता रूपधर प्रधान, निवासी जबलपुर (वर्तमान प्रभारी, धान उपार्जन केंद्र नरसैयापल्लम), थाना बसना, जिला महासमुंद को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। जांच रिपोर्ट एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस ने बताया कि मामले में अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। विवेचना के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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