दिव्यांगता को मात देकर आत्मनिर्भर बनीं कुमारी कल्पना भोसले
स्वरोजगार से ऋणमुक्त होकर अब संचालित कर रहीं हैं अंग्रेजी माध्यम विद्यालय
गरीब बच्चों को रियायती शुल्क में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का संकल्प
गरियाबंद, 21 मई 2026/ कुमारी कल्पना भोसले दोनों पैरों से 80 प्रतिशत अस्थिबाधित दिव्यांग हैं। वे चलने-फिरने में पूर्णतः असमर्थ हैं तथा अपने दैनिक कार्यों के लिए व्हीलचेयर का उपयोग करती हैं। शारीरिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी और अपने आत्मविश्वास, मेहनत तथा दृढ़ संकल्प के बल पर सफलता की नई मिसाल कायम की है।
कुमारी भोसले ने समाज कल्याण विभाग से वित्तीय वर्ष 2018-19 में छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम से स्वरोजगार के लिए ऋण प्राप्त किया। 26 दिसंबर 2018 को उन्हें मोबाईल सेंटर संचालन के लिए 4 लाख 50 हजार रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। उन्होंने कल्पना मोबाईल सेंटर का सफलतापूर्वक संचालन करते हुए न केवल अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाया, बल्कि ऋण की सभी किश्तों का समय पर भुगतान कर स्वयं को ऋणमुक्त भी किया। अपने व्यवसाय से प्राप्त आय और आत्मविश्वास के बल पर कुमारी कल्पना भोसले ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। उन्होंने अपने निवास स्थान से लगभग 3 किलोमीटर दूर, विकासखंड फिंगेश्वर के ग्राम बोड़सी में वित्तीय वर्ष 2024-25 में अंग्रेजी माध्यम विद्यालय एकलव्य पब्लिक स्कूल की स्थापना की। इस विद्यालय में नर्सरी से लेकर कक्षा 10वीं तक की पढ़ाई संचालित की जा रही है।
विद्यालय में गरीब एवं मेहनतकश परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अत्यंत रियायती शुल्क रखा गया है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवार भी अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिला सकें। इसके साथ ही विद्यालय के माध्यम से अन्य लोगों को रोजगार के अवसर भी प्रदान किए जा रहे हैं। कुमारी कल्पना भोसले यह सिद्ध करती हैं कि वास्तविक शक्ति व्यक्ति के हौसले और आत्मविश्वास में होती है। शारीरिक असक्षमता उनके सपनों और कार्यों के मार्ग में बाधा नहीं बन सकी। उन्होंने स्वयं सफलता की ऊंचाइयों को छूते हुए समाज के अन्य लोगों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है। आज वे किसी पर आश्रित हुए बिना आत्मनिर्भरता और सम्मान के साथ अपना तथा अपने परिवार का खुशहाल जीवन यापन कर रही हैं। उनका जीवन संघर्ष, आत्मविश्वास और सामाजिक सेवा का एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
