भीषण गर्मी में पेयजल व्यवस्था बढ़ाने की मांग
जनपद सभापति सुधा ने प्रशासन व वन विभाग को लिखा पत्र
महासमुंद। जनपद पंचायत सभापति सुधा योगेश्वर चंद्राकर ने जिले में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और तापमान में हो रही वृद्धि को देखते हुए आमजन एवं वन्य जीवों के लिए विशेष पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने कलेक्टर, जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा डीएफओ को पत्र प्रेषित किया है।
उन्होंने पत्र में सुझाव दिया है कि पूर्व वर्षों की भांति पंचायतों के माध्यम से पेयजल मद की राशि का उपयोग कर सड़कों के किनारे घड़े एवं प्याऊ की व्यवस्था की जाए, ताकि तेज गर्मी में राहगीरों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ते तापमान के कारण लोगों को डिहाइड्रेशन और प्यास जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में प्रमुख मार्गों, चौक-चौराहों और ग्रामीण क्षेत्रों में अस्थायी पेयजल केंद्र स्थापित करना अत्यंत आवश्यक है।
वन्य जीवों के लिए जलकुंड बनाने की मांग
श्रीमती चंद्राकर ने वन विभाग से वन क्षेत्रों एवं वन्य जीवों के विचरण स्थलों के आसपास जलकुंड निर्माण और नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि गर्मी में पानी की कमी के कारण वन्य जीव जंगलों से निकलकर आबादी वाले क्षेत्रों की ओर भटकने लगते हैं, जिससे उनकी जान को खतरा बढ़ जाता है।
उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि प्यास से व्याकुल वन्य जीव कई बार कुत्तों का शिकार बन जाते हैं, वहीं अवैध शिकारी भी उनकी मजबूरी का फायदा उठाते हैं। नीलगाय, हिरण, कोटरी, खरगोश और जंगली सुअर सहित अन्य वन्य जीव पानी की तलाश में असुरक्षित परिस्थितियों में भटकते रहते हैं।
मानवता और वन्य जीव संरक्षण से जुड़ा मुद्दा
जनपद सभापति ने प्रशासन से शीघ्र पहल करने की मांग करते हुए कहा कि सड़क किनारे प्याऊ और वन क्षेत्रों में जलकुंडों की व्यवस्था न केवल मानवता की दृष्टि से जरूरी है, बल्कि वन्य जीव संरक्षण के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
