दूसरे का खुलवाया म्यूल अकाउंट, करोड़ों का संदिग्ध लेन-देन, तीन गिरफ्तार

महासमुंद। बसना पुलिस ने बैंकिंग धोखाधड़ी और साइबर फ्रॉड से जुड़े एक नेटवर्क का पर्दाफाश कर करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन के मामले में तीन आरोपियों नरेश राणा, कन्हैया लाल साव और विनोद रिजवानी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। ग्राम धुमाभांठा निवासी सालिकराम यादव की शिकायत से हुई। शिकायतकर्ता के अनुसार, गांव के ही नरेश राणा ने व्यावसायिक कार्य का झांसा देकर उसे अपने जाल में फंसाया। उसे बसना ले जाकर उसके नाम से मोबाइल सिम खरीदकर बैंक ऑफ महाराष्ट्र की बसना शाखा में खाता खुलवाया। खाता खुलने के बाद बंसुला निवासी कन्हैया लाल साव के साथ मिलकर एटीएम कार्ड और पासबुक कुछ दिनों के उपयोग के बहाने अपने पास रख ली। समय बीतने के बाद भी दस्तावेज वापस नहीं किया, जिससे उन्हें शंका हुआ। जब सालिकराम यादव ने बैंक पहुंचकर खाते की जानकारी ली तो उसके होश उड़ गए। पता चला कि खाते से 1 करोड़ 2 लाख 55 हजार रुपये से अधिक का संदिग्ध लेन-देन किया गया है। शुरुआती जांच में यह भी खुलासा हुआ कि बाद में खाते का संचालन तिल्दा निवासी विनोद रिजवानी को सौंप दिया गया था। पुलिस के अनुसार, यह खाता ‘म्यूल अकाउंट’ के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था, जिसमें साइबर फ्रॉड से प्राप्त रकम को खपाया जाता था। पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4), 317(4) एवं 61(2) के तहत कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को अपने बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड या सिम कार्ड का उपयोग करने न दें।