वीरता, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक हैं छत्रपति शिवाजी: विधायक
छत्रपति शिवाजी महाराज की 396वीं जयंती मनाई गई
महासमुंद। छत्रपति शिवाजी महाराज की 396वीं जयंती पर गुरुवार सुबह 8:30 बजे छत्रपति शिवाजी चौक, महासमुंद में जिला मराठा समाज द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा एवं नगर पालिका उपाध्यक्ष देवीचंद राठी सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि शिवाजी महाराज वीरता, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि चौक पर शीघ्र स्थल चयन कर भव्य प्रतिमा स्थापित करने हेतु वे हर संभव सहयोग प्रदान करेंगे। नगर पालिका उपाध्यक्ष देवीचंद राठी ने कहा कि मराठा समाज द्वारा वर्षों से इस चौक पर पूजा-अर्चना एवं माल्यार्पण किया जा रहा है, किंतु अब तक शिवाजी महाराज की प्रतिमा स्थापित न हो पाना अत्यंत खेदजनक है। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज केवल मराठा समाज के शासक ही नहीं, बल्कि हिंदू हृदय सम्राट और धर्मरक्षक थे। उनका लक्ष्य हिंदू स्वराज्य की स्थापना थी, जिसे उन्होंने अपने पराक्रम से साकार किया। समाज के संरक्षक प्रलय थिटे ने शिवाजी महाराज के जीवन, संघर्ष और आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से उनके चरित्र से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
आदमकद प्रतिमा स्थापना की मांग
मराठा समाज के जिलाध्यक्ष राजेंद्र राव घाड़गे ने बताया कि 26 अगस्त 2007 को नगर पालिका परिषद महासमुंद द्वारा पुराने कचहरी चौक का नामकरण ‘छत्रपति शिवाजी महाराज चौक’ किया गया था। तब से प्रति वर्ष यहां जयंती धूमधाम से मनाई जा रही है और समाज द्वारा अश्वरोही आदमकद प्रतिमा स्थापना की मांग लगातार उठाई जाती रही है। इस अवसर पर समाज ने मांग रखी कि चौक पर छत्रपति शिवाजी महाराज की अश्वरोही आदमकद प्रतिमा स्थापित की जाए तथा समीप निर्मित नए कॉम्प्लेक्स का नाम ‘छत्रपति शिवाजी महाराज कॉम्प्लेक्स’ रखा जाए। इस पर नगर पालिका उपाध्यक्ष देवीचंद राठी ने कलेक्टर एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी को पत्र लिखने की घोषणा की। कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन राजेंद्र इंगोले ने किया। इस अवसर पर मराठा समाज उपाध्यक्ष महावीर पवार, संरक्षक प्रलय थिटे, कोषाध्यक्ष भूषण भोसले, सलाहकार राजेंद्र इंगोले, राजकुमार पवार, संतोष भोसले, महिला मंडल अध्यक्ष अनिता पवार, सचिव रमेश्वरी घाड़गे सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
