चार विधवा महिलाओं के जीवन में आया सशक्त बदलाव
बीजादूतीर स्वयंसेवक ज्योति कडती की पहल से आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई राह
बीजापुर 02 जनवरी 2026- ग्राम पंचायत मिरतुर में बीजादूतीर स्वयंसेवक ज्योति कडती के संवेदनशील हस्तक्षेप से चार विधवा महिलाओं के जीवन में एक सकारात्मक और सशक्त परिवर्तन देखने को मिला है। लखी कडती, आसमती, सोमारी और कोपे ये सभी महिलाएँ अपने बच्चों के भरण-पोषण और शिक्षा की जिम्मेदारी अकेले निभा रही थीं। आय का कोई स्थायी साधन न होने के कारण वे मानसिक तनाव और भविष्य की चिंता से जूझ रही थीं। विशेष रूप से लखी कडती, एक बुजुर्ग विधवा महिला, अपने चार छोटे बच्चों की पढ़ाई, किताबें और कपड़ों जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी करने में असमर्थ थीं। आर्थिक तंगी उनके लिए सबसे बड़ा भावनात्मक बोझ बन चुकी थी।
वॉलिंटियर का हस्तक्षेप और सक्षम योजना की भूमिका- जब बीजादूतीर की वॉलिंटियर ज्योति कडती को इन महिलाओं की कठिन परिस्थितियों की जानकारी मिली तो उन्होंने तत्काल पहल की। उन्होंने महिलाओं को “सक्षम योजना” के बारे में विस्तार से बताया जो महिलाओं को कम ब्याज दर 3 प्रतिशत पर स्वरोजगार हेतु ऋण प्रदान कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की योजना है।
ज्योति कडती ने न केवल योजना की जानकारी दी बल्कि फॉर्म भरने से लेकर बैंक से ऋण स्वीकृति तक की पूरी प्रक्रिया में मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान किया।
परिणाम स्वरोजगार की शुरुआत- निरंतर प्रयास और सहयोग के परिणामस्वरूप चारों महिलाओं को प्रत्येक को 1 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। इस प्रकार कुल 4 लाख रुपये का निवेश सुनिश्चित हुआ। लखी कडती ने अपने घर के पास किराना दुकान शुरू की जिससे वे वर्तमान में लगभग 10000 मासिक आय अर्जित कर रही हैं।
अन्य तीन महिलाओं आसमती, सोमारी और कोपे ने ऋण राशि से चिकन शॉप प्रारंभ कर अपना-अपना व्यवसाय स्थापित किया।
वर्तमान स्थिति और सामाजिक प्रभाव- आज ये चारों महिलाएँ न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो चुकी हैं, बल्कि सम्मानपूर्वक अपने परिवारों का पालन-पोषण कर रही हैं। वे अपनी आय से बच्चों की स्कूल फीस, किताबें और दैनिक आवश्यकताएँ आसानी से पूरी कर पा रही हैं। मानसिक तनाव से मुक्ति मिलने के साथ उनके जीवन में आत्मविश्वास और संतोष लौटा है।
लखी कडती ने भावुक होकर कहा आपने मेरी सारी चिंता दूर कर मेरी जिंदगी को सही राह दिखाई।
उन्होंने वॉलिंटियर ज्योति कडती को हृदय से धन्यवाद और आशीर्वाद दिया।
निष्कर्षः- बीजादूतीर स्वयंसेवक ज्योति कड़ती के सक्रिय, संवेदनशील और सामूहिक प्रयासों से एक साथ चार परिवारों को आर्थिक निर्भरता और मानसिक संकट से बाहर निकालने में सफलता मिली। यह प्रेरक कहानी न केवल सक्षम योजना की प्रभावशीलता को दर्शाती है, बल्कि यह भी प्रमाणित करती है कि बीजादूतीर के स्वयंसेवक ग्रामीण समुदाय में स्थायी और बहुआयामी सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
