बाबा ने सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे का मार्ग दिखाया: त्रिभुवन

पूर्व नपाउपाध्यक्ष कुकराडीह-तेंदूवाही के जयंती कार्यक्रम में हुए शामिल
महासमुंद। ग्राम कुकराडीह-तेंदूवाही में गुरु घासीदास बाबा की 269वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। मुख्य अतिथि पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष व समाज प्रमुख त्रिभुवन महिलांग थे। कार्यक्रम का शुभारंभ जैतखाम में पालो चढ़ाकर व पूजा अर्चना कर किया। श्री महिलांग ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बाबा गुरु घासीदास ने ‘मनखे-मनखे एक समान’ का अमर संदेश देकर पूरी मानव जाति को सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे का मार्ग दिखाया। उनके विचार आज भी समाज को जोड़ने और भेदभाव रहित व्यवस्था की प्रेरणा देता है।
उन्होंने आगे कहा कि साधु-संत-महापुरुष भले ही किसी जाति धर्म में जन्म ले सकते हैं। लेकिन, उनका उपदेश और संदेश संपूर्ण मानव समाज के लिए होता है। आज हमें हमारे संतों और महापुरुषों के बताए मार्गों का अनुशरण करना आवश्यक है। जिससे हम एक सशक्त विकसित संगठित समाज का निर्माण कर सकें और सम्मान पूर्वक जीवन जी सकें। महिलांग ने कहा कि आज ग्रामों में मानव- मानव एक समान की झलक जयंती कार्यक्रमों में देखने को मिल रही है। जहां सर्व समाज के लोग एक साथ गांवों में मिलकर जयंती पर्व बड़े उत्साह के साथ मना रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि गुरु घासीदास बाबा का जन्म ऐसे समय हुआ जब समाज में छुआछूत, भेदभाव, अंधविश्वास, आर्थिक, सामाजिक, विषमता व्याप्त था। उन्होंने समाज में मानवता का संदेश देते हुए सामाजिक समरसता का संदेश दिया। कार्यक्रम को अमर चंद्राकर, दिलीप मनहरे व सुशील बघेल (भीम आर्मी), सरपंच मिथलेश्वरी जोगी, भारत जोगी व उप सरपंच चन्द्रकुमार ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर बुधु मारकंडे, गौतम, नीलकंठ बंजारे, बेदराम बांधे, हरिचंद पात्रे, महेन्द्र बांधे, क्रांति योगी, इशु बघेल, रंजीत बघेल, शंकर भारती, परमानंद बंजारे, लक्ष्मण, कन्हैया साहू, डेरहू साहू, आकाश बांधे, तुलेश बंजारे, कुंवर लाल सोनवानी, कुमार डहरिया, लोकनाथ कुर्रे, देवाल दास व सर्व सतनामी समाज कुकराडीह-तेंदूवाही सहित आसपास के ग्रामीण उपस्थित थे।