प्रभारी सचिव अधिकारियों की बैठक ली, शासकीय योजनओं का गंभीरतापूर्वक करें क्रियान्वयन

गरियाबंद, 28 नवम्बर 2025। प्रभारी सचिव श्रीमती आर. संगीता ने कल जिला कार्यालय सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने बैठक में विभागों में प्रगतिरत कार्यों एवं अद्यतन स्थिति की जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर श्री बीएस उइके ने बैठक में सर्वप्रथम जिले के बारे में सामान्य जानकारी देते हुए विभिन्न विभागों में चल रहे मुख्य कार्यों की जानकारी दी। साथ ही जिला अधिकारियों ने कार्यों की स्थिति एवं गुणवत्ता के बारे में विस्तार से विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर वनमण्डलाधिकारी श्री शशिगानंदन के., जिला पंचायत के सीईओ श्री प्रखर चंद्राकर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र चन्द्राकर, अपर कलेक्टर श्री पंकज डाहिरे, सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
इस दौरान प्रभारी सचिव श्रीमती संगीता ने विभाग प्रमुखों को जिले में संचालित विभिन्न शासकीय योजनाओं, विकास कार्यों, राजस्व से जुड़े विषयों एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए विभागों के मध्य बेहतर समन्वय के साथ योजनाओं का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, स्व-सहायता समूहों की गतिविधियाँ, महतारी वंदन योजना, स्वास्थ्य सेवाएँ, शैक्षणिक योजनाएँ, जल जीवन मिशन, कृषि एवं संबंधित विभागों की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देशित किया कि शासन की प्राथमिक योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक समय पर पहुँचना चाहिए तथा इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की जा रही है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। किसानों के हितों को सर्वाेपरि रखते हुए जिले में संचालित धान खरीदी केन्द्रों की तैयारियों, व्यवस्थाओं एवं क्रियान्वयन की जानकारी ली। उन्होंने टोकन प्रणाली, तौल कार्य की पारदर्शिता, बारदाना उपलब्धता, धान के सुरक्षित भंडारण, की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि धान को पूरी पारदर्शिता एवं गंभीरता से करें। प्रत्येक खरीदी केन्द्र में दैनिक रिपोर्टिंग नियमित रूप से की जाए तथा किसी भी प्रकार की शिकायत को तत्काल संज्ञान में लेकर निराकृत किया जाए। अवैध धान परिवहन पर कार्यावाही करें। जिले से लगे सीमावर्ती राज्यों से अवैध रूप से धान के आवागमन की रोकथाम के लिए पुलिस, खाद्य, राजस्व एवं आबकारी विभाग को आपसी समन्वय के साथ निरंतर निगरानी रखने को कहा। सीमावर्ती क्षेत्रों, अंतर्राज्यीय मार्गों एवं चेक पोस्टों पर सघन जांच, वाहनों की नियमित तलाशी, दस्तावेज सत्यापन एवं संदिग्ध परिवहन पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों ध्यान में रखते हुए अवैध धान परिवहन, बाहरी धान की आवक नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि शिशु एवं मातृ स्वास्थ्य, टीकाकरण, संस्थागत प्रसव, आयुष्मान भारत योजना एवं टीबी मुक्त भारत अभियान की प्रगति शत् प्रतिशत होनी चाहिए। व्यय वंदन तथा आयुष्मान कार्ड तथा छुटे हुए पीव्हीटीजी परिवारों का बनवाये। टी.बी. मरीजो के बेहतर उपचार के लिए डॉट्स की दवाईयां का वितरण कराये। बैठक में अपार आईडी, मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना एवं विद्यालयीन अधोसंरचना, जल जीवन मिशन के अंतर्गत घरेलू नल कनेक्शन एवं पेयजल आपूर्ति, किसान सम्मान निधि योजना की प्रगति, ई-केवाईसी तथा फसल संबंधी गतिविधियों पर जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त पशु चिकित्सा, खाद्य, आदिवासी विकास, लोक निर्माण, नगरीय निकाय, श्रम, सामाजिक कल्याण एवं कौशल विकास विभागों के कार्यों की भी विस्तार से समीक्षा की गई।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों का गंभीरता से पालन सुनिश्चित करें। साथ ही समयसीमा में कार्य पूर्ण कर किए गए प्रगति का पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य आम नागरिकों एवं किसानों को त्वरित एवं पारदर्शी लाभ प्रदान करना है और इसके लिए प्रशासन की जवाबदेही सर्वाेपरि है।