जिला स्तरीय जैविक किसानों की बैठक
दंतेवाड़ा, 11 नवंबर 2025। विगत दिवस कृषि विभाग कार्यालय में जिले के प्रमुख जैविक किसानों की जिला स्तरीय बैठक संपन्न हुई। जिसमें खरीफ सीजन 2025 की फसल स्थिति की समीक्षा तथा आगामी रबी सीजन की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा के अलावा बैठक में क्लस्टर स्तर पर आयोजित पूर्व बैठकों की समीक्षा की गई। इस दौरान उपस्थित किसानों ने यह संकल्प लिया कि दंतेवाड़ा को जैविक जिला के रूप में बनाए रखना सभी किसानों की सामूहिक जिम्मेदारी है, ताकि आने वाली पीढि़यों को स्वस्थ जीवन मिल सके। किसानों ने रासायनिक खेती के दुष्परिणामों पर चर्चा करते हुए उन किसानों से आग्रह किया जो अब भी रासायनिक खेती कर रहे हैं कि वे धीरे-धीरे जैविक खेती की ओर अग्रसर हों। बैठक में सरसों, तुरिया, रागी, तिलहन एवं दलहन जैसी फसलों की बुवाई को प्रोत्साहित करने पर सहमति व्यक्त की गई। साथ ही, जैविक सब्जी उत्पादन, परंपरागत खेती को बढ़ावा और फसल विविधता पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत जैविक खेती को प्रोत्साहन देने, कृषि उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने एवं स्थानीय बाजार में “जैविक जोन” स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी विचार विमर्श किया गया। इस अवसर पर जिले के उप संचालक कृषि श्री सूरज पंसारी ने बताया कि रबी सीजन में तुरिया और मूँग जैसी फसलों की बुवाई को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने किसानों को धान विक्रय हेतु ऑनलाइन टोकन प्रणाली तथा एग्रीटेक पंजीयन प्रक्रिया की जानकारी दी और कहा कि विभाग द्वारा जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए हरसंभव सहयोग किया जाएगा। बैठक में मेटापाल क्षेत्र में तिलहन फसलों के सफल प्रयोग की जानकारी साझा की गई तथा जिले के किसानों द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट जैविक कार्यों की सराहना की गई। इस बैठक में भूमगादी, निर्माण संस्था, जिले के जैविक किसान, कृषि विभाग के अधिकारीगण एवं सरपंच संघ के जिला अध्यक्ष श्री सुरेंद्र भास्कर सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
