स्वास्थ्य केन्द्रों में ग्राम पंचायतों के सहयोग से शिविर लगाने के कलेक्टर ने दिए निर्देश

स्वास्थ्य केन्द्रों में पर्याप्त मात्रा में एन्टीवेनम की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा
दंतेवाड़ा, 30 जुलाई 2025। आज कलेक्टर कुणाल दुदावत के द्वारा आज दंतेवाड़ा एवं कटेकल्याण विकासखंड के स्वास्थ्य केन्द्रों बालूद एवं पोन्दुम पंचायत स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर (उप-स्वास्थ्य केंद्रों) का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने वहां संचालित स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की समीक्षा करते हुए एएनसी (एंटी नेटल केयर) जांच, ओपीडी सेवाएं, औषधि आपूर्ति, टीकाकरण, रिकॉर्ड संधारण सहित अन्य चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने विशेष रूप से गर्भवती माताओं को समय पर आवश्यक जांच, आयरन एवं कैल्शियम की गोलियां, पोषण परामर्श तथा संस्थागत प्रसव की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही कलेक्टर ने निक्षय निरामय योजना के अंतर्गत क्षय रोगियों को दी जा रही सुविधाओं की प्रगति की समीक्षा की तथा वय वंदना योजना के लाभार्थियों की स्थिति की भी जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों से सेवा प्रदाय की गुणवत्ता, मरीजों की संख्या और नियमित उपस्थिति के विषय में चर्चा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके साथ ही कलेक्टर ने स्वास्थ्य केन्द्रों में पर्याप्त मात्रा में एन्टीवेनम की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर ने उपस्थित स्वास्थ्य अमले को निर्देशित किया कि वय वंदना और आयुष्मान कार्ड के लाभार्थियों के ट्रेसिग के लिए क्षेत्र में शत-प्रतिशत स्वास्थ्य स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाकर शिविर का आयोजन करें। उन्होंने आगे कहा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर की स्वास्थ्य सेवाएं सिर्फ मरीजों को दवा देने तक सीमित नहीं है इसके अलावा सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ता फील्ड में जाकर सक्रिय रूप से कार्य करना भी जरूरी है। उन्होंने विशेष रूप से घर-घर जाकर लोगों की जांच, जागरूकता तथा सेवाओं की पहुंच को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने ने बालूद के आंगनवाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया और बच्चों को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी लेते हुए बच्चों को नियमित रूप से अंडा उपलब्ध कराया जाने की बात कही। इस मौके पर जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा, अपर कलेक्टर राजेश पात्रे, एसडीएम मूलचंद चोपड़ा, जनपद सीईओ दंतेवाड़ा, कटेकल्याण, जिला शिक्षा अधिकारी, एस.के. अम्बस्ट, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, पीडब्ल्यूडी, आरईएस, पीएमजीएसवाय, पीएचई, सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।