नारी शक्ति का रंग- जिले की महिलाओं ने हर्बल गुलाल से लिखी आत्मनिर्भरता की नई कहानी

कोरिया 03 मार्च 2026/ कोरिया जिला के बैकुंठपुर जनपद अंतर्गत ग्राम डकईपारा की 11 महिलाओं ने महिला सशक्तिकरण की प्रेरक मिसाल पेश की है। उजाला महिला स्व सहायता समूह की इन महिलाओं ने होली पर्व के अवसर पर 100 किलो से अधिक हर्बल गुलाल तैयार कर न केवल हरित होली का संदेश दिया है, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त कदम भी बढ़ाया है।
कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी के मार्गदर्शन एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के सहयोग से शुरू हुई इस पहल ने अल्प समय में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। मात्र 10 दिनों में तैयार उत्पाद को स्थानीय बाजार सहित ऑनलाइन माध्यम से भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
’प्राकृतिक संसाधनों से स्वरोजगार की ओर’
महिलाओं ने चुकंदर, हल्दी, पलाश, पालक, लाल भाजी एवं एसेंशियल ऑयल जैसे प्राकृतिक अवयवों से त्वचा के अनुकूल एवं पर्यावरण हितैषी गुलाल तैयार किया है। रासायनिक रंगों के विकल्प के रूप में यह उत्पाद सुरक्षित होली का संदेश दे रहा है। 300 रुपये प्रति किलो की दर से विक्रय किए जा रहे इस हर्बल गुलाल से मात्र तीन दिनों में 5 हजार रुपये से अधिक की आय अर्जित की जा चुकी है। बढ़ती मांग को देखते हुए समूह की महिलाएं उत्पादन कार्य में निरंतर जुटी हुई हैं।
’प्रशिक्षण से आत्मविश्वास तक’
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के मास्टर ट्रेनर द्वारा महिलाओं को निर्माण एवं पैकेजिंग का प्रशिक्षण दिया गया। समूह ने इस कार्य की शुरुआत आंतरिक ऋण से की, जिसे योजनागत सहयोग और मार्गदर्शन ने सफल उद्यम में परिवर्तित कर दिया।
जिला पंचायत कोरिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने महिलाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल महिला सशक्तिकरण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने जिलेवासियों से स्थानीय उत्पादों को अपनाकर नारी शक्ति को प्रोत्साहित करने का आवाहन किया।
डकईपारा की ये महिलाएं आज यह संदेश दे रही हैं कि अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर ग्रामीण नारी शक्ति न केवल परिवार, बल्कि पूरे समाज और अर्थव्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है।