मतदान केन्द्रों के युक्तियुक्तकरण की तैयारी प्रारंभ

आयोग के निर्देशानुसार व्यापक सर्वेक्षण एवं पुनर्संरचना
बेमेतरा, 24 जून 2025/- आगामी विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार जिले में मतदान केन्द्रों के युक्तियुक्तकरण (Rationalization) की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। यह कार्य Pre-revision activities के अंतर्गत किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य अधिकतम मतदाता संख्या (1200) के मापदंड का पालन करते हुए मतदान को अधिक सुलभ, सुगम एवं सुव्यवस्थित बनाना है।
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी Manual on Polling Station-2020 एवं रिटर्निंग ऑफिसर हैंडबुक के अध्याय 02 में वर्णित प्रावधानों के अनुरूप समस्त संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु निर्देश जारी किए गए हैं।
युक्तियुक्तकरण के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं –
बढ़ती जनसंख्या एवं बस्ती विस्तार के मद्देनजर मतदान अनुभागों का पुनः सीमांकन व नामकरण किया जाएगा।
मतदान केन्द्रों की सीमाओं में संशोधन कर उन्हें कॉम्पैक्ट (सघन) किया जाएगा।
अधिक मतदाता संख्या वाले केन्द्रों को अनुभागवार पुनर्संयोजन कर उसी परिसर अथवा समीपवर्ती स्थान में समायोजित किया जाएगा।
एक ही परिवार के सभी मतदाता एक ही मतदान केन्द्र में रहें – यह प्राथमिकता रहेगी।
प्रत्येक मतदान केन्द्र का 100%भौतिक सत्यापन कर ही उसका स्थान सुनिश्चित किया जाएगा।
BLO App के माध्यम से बी.एल.ओ. द्वारा केन्द्रों की फोटो एवं अक्षांश-देशांश संबंधी विवरण अपलोड किए जाएंगे।
शहरी क्षेत्रों में बहुमंजिला इमारतों, ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी एवं कॉलोनियों में मतदान केन्द्रों की स्थापना की संभावनाएं तलाशी जाएंगी।
एक भवन में अत्यधिक मतदान केन्द्रों की स्थिति में उन्हें अलग भवनों में स्थानांतरित कर भीड़ का विकेन्द्रीकरण (Decongestion) किया जाएगा – शहरी क्षेत्रों में अधिकतम 4 तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 2 मतदान केन्द्र एक ही भवन में रहें – यह प्रयास किया जाएगा।
प्रत्येक केन्द्र में पेयजल, शौचालय, बिजली, रैम्प, छाया जैसी अनिवार्य न्यूनतम सुविधाएं (AMF) उपलब्ध होना आवश्यक होगा।
यदि वर्तमान भवन जर्जर है, एवं समीपवर्ती भवन उपलब्ध है तो मतदान केन्द्र का स्थानांतरित करने हेतु प्रस्ताव तैयार किया जा सकता है।
जिला प्रशासन द्वारा मतदाताओं को सुरक्षित, सुलभ एवं सुविधा युक्त मतदान अनुभव देने हेतु यह व्यापक योजना तैयार की जा रही है। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि कार्यवाही 01 जुलाई 2025 से प्रारंभ कर 30 अगस्त 2025 तक पूर्ण करें।
साथ ही यह भी निर्देशित किया गया है कि –
शहरी क्षेत्रों में आवासीय परिसरों को एक इकाई मानते हुए अनुभाग निर्धारित किए जाएं।
विधानसभा/लोकसभा चुनावों के समय बनाए गए सहायक मतदान केन्द्रों को यथावत नए केन्द्र के रूप में प्रस्तावित न किया जाए।
बी.एल.ओ. एवं राजस्व अमले से स्थल निरीक्षण कर अनुभवों के आधार पर ही प्रस्ताव तैयार करें।
ऐसे विधानसभा क्षेत्रों, जो एक से अधिक जिलों में फैले हों, उनके लिए एकीकृत उपाबंध-प्प्प् तैयार किया जाए।