बारिश नहीं होने से किसानों में खेती पिछड़ने की चिंता
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मानसून कमजोर पड़ने से गर्मी और उमस से लोगों मे बेचैनी बढ़ी
महासमुंद। पिछले दो सप्ताह प्री मानसून की रूक रूक कर और कभी बौछार के बाद से ही मानसून थम सा गया है। जिले में सोमवार को कही कही हल्की बारिश हुई। जिसके बाद से ही मंगलवार को आसमान में बादल छाए रहे इससे गर्मी और उमस से थोड़ी राहत मिली है। एक जून के बाद से अब तक जिले में मात्र 20.8 मिमी औसत बारिश हुई है जबकि पिछले साल आज की तारीख तक 24.3 मिमी औसत बारिश हो चुकी थी। अवर्षा से तेज धूप और उमस से जहां लोगों में बेचैनी बढ़ा दी है वहीं किसानों को धान फसल पिछड़ने की भी चिंता सता रही है।
बता दें कि मई के आखिरी सप्ताह बस्तर में समय पर पहुंचने के बाद मानसून थोड़ा कमजोर पड़ गया था। जिससे भीषण गर्मी और उमस ने लोगों को बेहाल कर रखा था। हल्के बादल और उमस के कारण पंखे-कूलर पूरे तरह से फेल हो गए। शाम को घर के बाहर लोगों को थोड़ी राहत महसूस हो रही है। लेकिन, घर के अंदर उमस और गर्मी से बुरा हाल था। जिले में 15 दिन पूर्व प्री-मानसून की अच्छी बौछार तो पड़ी पर बाद में जिले के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हुई, लेकिन शेष में बारिश न होने और तेज धूप और उमस ने लोगों की बेचैनी बढ़ा दी है। मौसम विभाग के अनुसार आज मंगलवार से प्रदेश के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना है। विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी के उत्तर- पश्चिम और समीपवर्ती क्षेत्रों में समुद्र तल से 3.1 से 7.6 किमी ऊपर चक्रवात परिसंचरण बना हुआ है, जो ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है। ऐसे में प्रदेश के कई इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। इसके साथ ही दो दिन बाद प्रदेश में एक -दो स्थानों में अति भारी बारिश हो सकती है।
जिले के कुछ क्षेत्रों में हुई बारिश
पिछले 24 घंटों में जिले में 4 मिमी औसत बारिश हुई है। जिसमें सरायपाली में 1.04 मिमी, बसना में 4.0 मिमी और कोमाखान तहसील में 2.01 मिमी बागबाहरा में सबसे अधिक 17.0 मिमी बारिश हुई । शेष तहसील में बारिश हुई ही नहीं। जिले में एक जून से अभी तक मात्र 20.8 मिमी औसत बारिश हुई है। जिसमें सरायपाली में सबसे अधिक 29.09 मिमी, कोमाखान में 23.4, महासमुंद में 20, बसना में 19.09, बागबाहरा में 28.00 और सबसे कम बारिश पिथौरा तहसील में 4.8 मिमी बारिश हुई है।
