नेहरू जी की पुण्यतिथि पर कांग्रेसियों ने की श्रद्धासुमन अर्पित
महासमुंद। भारत के प्रथम प्रधानमंत्री भारत रत्न पंडित जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि के अवसर पर कांग्रेस भवन में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस मौके पर पंडित नेहरू जी के जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ रश्मि चंद्राकर ने कहा पंडित नेहरू अपने जीवन के बहुमूल्य 9 साल जेल में अंग्रेजों के जुल्म सहते हुए बिताए, परंतु कभी अंग्रेजों से माफी मांग कर जेल से बाहर नहीं आए और देश के लिए अपनी कुल संपत्ति के 98% उस समय के 196 करोड़ और अभी वर्तमान में लगभग 49000 करोड़ देश के विकास और निर्माण के लिए दान की थी। डॉक्टर रश्मि ने कहा कि भारत के पहले प्रधानमंत्री पद पर उंगली उठाते हैं वह खुद अपने आप के गिरेबान में झांक कर देखें की पंडित नेहरू जी को गाली देना आज के भाजपा नेताओं के लिए बहुत आसान है परंतु उन जैसा बनना नामुमकिन है जिन्होंने आजादी के पूर्व आजादी के पश्चात सिर्फ भारत को मजबूत करने का सपना देखा आज भारत जिस स्थिति में है उसका नींव पंडित जवाहरलाल नेहरू ने रखी थी। आज जो बड़े-बड़े बांध सिंचाई के लिए बने हैं बड़े-बड़े वैज्ञानिक विश्व विख्यात इंजीनियर डॉक्टर जिसके विदेशो में डंका बजती हैं उस व्यक्ति को उस लायक बनाने का कार्य जो संस्था ने की है वो सब पंडित नेहरू के द्वारा निर्मित संस्थानों के द्वारा ही संभव हो पाया है।
जवाहरलाल नेहरू के बनाए आईआईटी एम्स भारत के नवरत्न उद्योग कंपनी का निर्माण करने वाले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ही थे जिनके कारण भारत आज विश्व में एक शक्तिशाली देश के रूप में स्थापित हो पाया है वो पंडित नेहरू ही थे जिन्होंने 1952 में संविधान निर्माण करने करवाने का निर्णय लिया जिसमें डॉ भीमराव अम्बेडकर ने भारत को लिखित सबसे बड़ा संविधान प्रदान किया।आज भारत का नाम विश्व में जिस अदब से लिया जाता है उसका कारण है नेहरू द्वारा मजबूत नींव स्थापित करना। पंडित जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि के अवसर पर खिलावन बघेल शहर अध्यक्ष, अमन चंद्राकर अध्यक्ष युवक कांग्रेस जिला, प्रदीप चंद्राकर महामंत्री पिछड़ा वर्ग,भारत ठाकुर अधिवक्ता, ब्रिजेन बंजारे पूर्व सरपंच, ईशा टंडन, वरिष्ठ कांग्रेसी दीपक सिन्हा, मिंदर चावला, मनोहर ठाकुर, लीलू साहू, बसंत चंद्राकर, सन्नी महानंद, आकाश निषाद,भानु सोनी, दुर्गेश कन्नौजे, सुशील कुमार जोशी एवं कार्यकर्ताओं ने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए श्रद्धांजलि दी।
