द्वारकाधीश धाम में जल कलश यात्रा से शुरू हुआ भागवत

कथावाचक पं. पंकज तिवारी के सानिध्य में 11 पंडितों ने पूजन विधान पूर्ण कराया
महासमुंद। स्व, नगर व जग कल्याण के भाव से चार धामों में से एक पश्चिम दिशा में स्थित द्वारकाधीश धाम में महासमुंद के जजमानों द्वारा भागवत कथा का आयोजन किया गया है। जिसमें नगर समेत आसपास के करीब सौ से अधिक तीर्थयात्री व जजमान भागवत कथा श्रवण करने पहुंचे हुए हैं। रविवार 11 मई को दोपहर 12 बजे के आसपास राधे कृष्ण मंदिर से जल कलश यात्रा बाजे गाजे के साथ निकली। जय द्वारकाधीश व राधे-राधे के जय घोष के साथ नाचते गाते ध्वज लहराते श्रद्धालु भाग लिए। द्वारकाधीश धाम में माहेश्वरी सेवा कुंज के सत्संग हाल में आयोजित भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह के कथा वाचक पं. पंकज तिवारी के सानिध्य में 11 पंडितों ने विधि विधान से मुख्य जजमान शंकर इंद्राणी पांडेय, सह जजमान मनोजकांत सीता देवी साहू से मंडप प्रवेश उपरांत गणेश, पंचांग, मातृका पूजन समेत सभी देवताओं का पूजन विधान पूर्ण कराया। पश्चात सभी जजमानों ने भी पूजन कर नमन किया।जजमानों में पुष्पा मारकंडे चंद्राकर, ईश्वर राधा चंद्राकर, विक्की साहू, मीना बाबूलाल साहू, ईश्वरी साहू रिखीराम साहू, हीरालाल लक्ष्मी साहू, परमानंद किरण चंद्राकर, वेद प्रकाश पप्पू साहू, पुष्पलता अग्रवाल, राजश्री अग्रवाल, मीना पदमवार, ज्योति साहू, सोनी साहू, तारा चंद्राकर हेमंत चंद्राकर, विजय लक्ष्मी चंद्राकर, राकेश शर्मा, अर्जित चंद्राकर, लता चंद्राकर, निर्मला चंद्राकर, मीना गिरजाशंकर चंद्राकर, ललिता प्रकाश चंद्राकर, विमला यादव, सुधा शर्मा, उर्मिला साहू, नीरा भारती, रंभा चंद्राकर, मंजू चंद्राकर आदि कलश यात्रा में शामिल हुए। महिलाएं जहां पीली साड़ियां पहनी हुई थी, वही पुरुष ध्वज लहराते चल रहे थे। जल कलश यात्रा के लिए द्वारकाधीश मंदिर के पीछे बह रही गोमती नदी से पवित्र जल, राधा कृष्ण मंदिर लाया गया था। इसके पूर्व सभी तीर्थयात्री गोमती नदी में सुबह स्नान ध्यानन व अपने पूर्वजों को तर्पण उपरांत भगवान द्वारकाधीश के दर्शन कर कथा स्थल पहुंचे थे। आयोजन समिति के दिलीप प्रभा जैन, देवेंद्र चंद्राकर, राजेश नायक, विपिन चंद्राकर, विजय चंद्राकर ने बताया की यात्रा की दौरान सूरत पहुंचने पर मूलचंद सीमा लड्ढा के मामा सूरत निवासी रामेश्वर गांधी ने सभी तीर्थयात्रियों का स्वागत कर भोजन प्रसादी की व्यवस्था की थी।