राजपूत क्षत्रिय समाज ने महाराणा प्रताप की मनाई जयंती
बच्चों ने दी सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति
महासमुंद। राजपूत क्षत्रिय समाज द्वारा 9 मई को स्वाधीनता आंदोलन के महानायक वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
इस अवसर पर संध्या 5 बजे महासमुंद के नयापारा स्थित सामाजिक भवन में महाराणा प्रताप की छायाचित्र की पूजा अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस मौके पर समाज के संरक्षक भरत सिंह ठाकुर अधिवक्ता ने महाराणा प्रताप जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए महाराणा प्रताप के घोड़ा चेतक और हाथी रामप्रशाद के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि रामप्रसाद हाथी के स्वामी भक्ति और महाराणा प्रताप की देश भक्ति जिसमें उन्होंने पराधीन होना स्वीकार नहीं किया, लेकिन देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। उसी प्रकार रामप्रसाद हाथी ने अपने स्वामी भक्ति के साथ दुश्मनों के द्धारा बंदी बनाने पर उसने भी खाना पीना त्याग कर अपने प्राण दे दी। क्षी ठाकुर ने समाजजनों को महाराणा प्रताप के आदर्शो का अनुसरण करने की सलाह दी।
समाज के अध्यक्ष उदय पाल सिंह भदौरिया ने महाराणा प्रताप की जयंती की शुभकामना देते हुए कहा की आज देश जिन परिस्थितियों से गुजर रहा उसमें हमारे आदर्श महाराणा प्रताप के विचारों को पूरे देश को अनुसरण करने की आवश्यकता है। इस अवसर पर समाज के बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी। जिसमें कुमारी लावन्या राजपूत, कुमारी बबली ठाकुर, कुमारी रिया ठाकुर द्वारा मनमोहक नृत्य की प्रस्तुत दी। जिसे समाज के सदस्यों ने बहुत सराहा साथ ही बच्चों को पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर विजय सिंह वर्मा, गुमान सिंह ठाकुर, मनोहर सिंह ठाकुर, कल्याण सिंह ठाकुर, श्रीमती उत्तरा ठाकुर, श्रीमती माहेश्वरी ठाकुर, सुश्री उपमा ठाकुर, श्रीमती श्याम कुमारी राजपूत, महक राजपूत, मेघा ठाकुर, प्रिया ठाकुर, आकांक्षा ठाकुर, तानिया ठाकुर, परी ठाकुर, दिब्यांसी ठाकुर, टीया ठाकुर, कांति ठाकुर सहित भारी संख्या में समाज के सदस्यगण उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन महिला इकाई के अध्यक्ष श्रीमती राजश्री ठाकुर ने तथा आभार प्रदर्शन समाज के वरिष्ठ संपत सिंह गौतम ने की है।
