पैरा आर्ट ट्रेनिंग पूरा करने वाली महिलाों को प्रमाण-पत्र, आजीविका का मिला नया साधन- कलेक्टर

गरियाबंद 24 अक्टूबर 2024। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए नवाचारी पहल के तहत पैरा से विभिन्न प्रकार के कलाकृतियां बनाने की ट्रेनिंग दी गई। 10 दिवसीय ट्रेनिंग सांई मंदिर परिसर में 27 महिलाओं को दी गई। इस दौरान महिलाओं को पैरा का उपयोग करके विभिन्न प्रकार की कलाकृतियां बनाना सिखाया गया। कम लागत में बनाये गये सुंदर एवं आकर्षक कलाकृतियों को बाजार में बेचकर महिलाएं अतिरिक्त आर्थिक लाभ अर्जित कर पायेंगी। प्रशिक्षण के समापन अवसर पर कलेक्टर दीपक अग्रवाल ने प्रशिक्षण स्थल का अवलोकन किया। उन्होंने महिलाओं द्वारा पैरा से बनाये गये विभिन्न प्रकार के कलाकृतियों को देखकर प्रशिक्षणार्थियों की खूब प्रशंसा की। इस अवसर पर कलेक्टर ने प्रशिक्षणार्थी महिलाओं को ट्रेनिंग सम्पन्न होने पर प्रमाण पत्र वितरित किया। साथ ही पैरा आर्ट को अधिक से अधिक महिलाओं तक पहुंचाने में भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पैरा आर्ट से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त होने का नया साधन मिलेगा। साथ ही महिलाओं को स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। इस दौरान प्रशिक्षणार्थी महिलाओं ने कलेक्टर को पैरा आर्ट से बनाये गये राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू की चित्र सहित प्राकृतिक दृश्य, पशु-पक्षी, फूल, पौधे, वाद्य यंत्र एवं धार्मिक संरचनाओं को दिखाई। साथ ही कलेक्टर को पैरा आर्ट से बनाये गये उनके स्वयं के चित्र को भेंट की। इस पर कलेक्टर ने महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए निरंतर आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर कलेक्टर ने पैरा आर्ट से बनाये गये कलाकृतियों की बिक्री एवं प्रदर्शनी के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि बिक्री एवं प्रदर्शनी की उचित व्यवस्था से अधिक संख्या में महिलाओं द्वारा बनाये कलाकृतियों की बिक्री होगी। साथ ही दूसरे शहरों में भी पैरा आर्ट की मांग बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि पैरा आर्ट की पहुंच बढ़ाने एवं महिलाओं की तरक्की में जिला प्रशासन द्वारा हर संभव सहायता की जाएगी।
इस अवसर पर डीपीओ अशोक पाण्डेय ने बताया कि महिलाओं को आर्थिक रूप से संबल प्रदान करने एवं उन्हें आत्म निर्भर बनाने विभिन्न विभागीय गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। इसी कड़ी में महिलाओं को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अंतर्गत पैरा आर्ट प्रशिक्षण दिया गया। महिलाओं को सहेली सोशल वेलफेयर फाउंडेशन स्व सहायता समूह के विशेष सहयोग से पैरा से विभिन्न कलाकृतियां बनाने की ट्रेनिंग दी गई। पैरा से बनने वाले कलाकृतियों की बाजार में खूब डिमांड है। पैरा आर्ट के तहत कलाकृति बनाने का खर्च बहुत कम होता है।