गढ़फुलझर में विकास का नया अध्याय, रामचंडी मंदिर में सीएम साय ने की 50 लाख के डोम की घोषणा
सर्वमंगल भवन का लोकार्पण, मानसरोवर तालाब सौंदर्यीकरण और 3.50 करोड़ की सड़क का काम जारी; सैनिक स्कूल के प्रस्ताव पर भी दिया भरोसा
महासमुंद। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शनिवार को बसना विकासखंड के गढ़फुलझर स्थित प्रसिद्ध रामचंडी मंदिर पहुंचे। उन्होंने मां रनेश्वर रामचंडी की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दौरान उन्होंने गढ़फुलझर में मंदिर परिसर के लिए 50 लाख रुपए की लागत से भव्य डोम निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के साथ क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन और विकास गतिविधियों को गति देने की उम्मीद जताई जा रही है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 50 लाख रुपए की लागत से निर्मित सर्वमंगल भवन का लोकार्पण किया। वहीं 48 लाख रुपए की लागत से मानसरोवर तालाब के सौंदर्यीकरण तथा करीब पौने दो किलोमीटर सड़क निर्माण का काम जारी होने की जानकारी दी। सड़क निर्माण पर करीब 3.50 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
‘2024 में किए वादे अब हो रहे पूरे’
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 2024 में किए गए वादे अब धरातल पर दिखाई दे रहे हैं। गढ़फुलझर में लगातार विकास कार्य हो रहे हैं और नागरिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कोलता समाज को शिक्षित, मेहनतकश और सामाजिक मूल्यों के प्रति समर्पित बताते हुए कहा कि समाज का प्रदेश सरकार को निरंतर सहयोग और आशीर्वाद मिलता रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अनुरूप राज्य सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता से लागू कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत आवास से वंचित गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में प्रतिदिन करीब 1600 आवासों का निर्माण किया जा रहा है। विशेष पिछड़ी जनजातियों के परिवारों के लिए आवास और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को भी सरकार की प्राथमिकताओं में बताया।
महतारी वंदन से किसानों तक योजनाओं का जिक्र
मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपए की सहायता, किसानों को बोनस, तेंदूपत्ता संग्राहकों के हितों तथा श्रमिकों के लिए संचालित योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
1076 हेल्पलाइन और 700 डिजिटल सेवाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने सुशासन और पारदर्शिता को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नंबर 1076 का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नागरिक अपनी समस्याएं इस माध्यम से दर्ज करा सकते हैं और उनके निराकरण के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है।
उन्होंने सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से 36 विभागों की करीब 700 सेवाएं उपलब्ध होने की जानकारी दी। ग्रामीण क्षेत्रों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों के जरिए विभिन्न शासकीय सेवाओं और वित्तीय लेन-देन को सुलभ बनाने की बात भी कही।
पर्यटन को बढ़ावा, सिंचाई परियोजनाओं से किसानों को लाभ
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में पर्यटन की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन के साथ होम-स्टे सुविधाओं के विस्तार की बात कही। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
उन्होंने सिरपुर बैराज तथा सिकासेर-कोडार लिंक परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से किसानों को लाभ मिलेगा और कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। सैनिक स्कूल की स्थापना के संबंध में प्रस्ताव भेजने तथा अन्य मांगों पर नियमानुसार परीक्षण और कार्रवाई का भरोसा भी दिया।
धर्मेंद्र प्रधान बोले- आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का विस्तार
पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री एवं संबलपुर सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने गढ़फुलझर पहुंचने को सौभाग्य बताते हुए रामचंडी मंदिर की धार्मिक महत्ता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र आध्यात्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। गुरुद्वारे के निर्माण और लक्ष्मी-नारायण मंदिर के विकास से धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलने की बात उन्होंने कही।
प्रधान ने कोलता समाज को मेहनतकश, कृषि से जुड़ा और राष्ट्र के विकास में योगदान देने वाला समाज बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य की सरकार किसानों के हितों को प्राथमिकता दे रही है तथा छत्तीसगढ़ के किसान धान उत्पादन और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
सांसद रूपकुमारी ने सीढ़ियों पर शेड के लिए निधि देने की घोषणा की
महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी ने गढ़फुलझर को श्रद्धा और आस्था का केंद्र बताते हुए इसके विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने कोलता समाज को उदार और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने वाला समाज बताया। सांसद ने रामचंडी मंदिर की सीढ़ियों पर शेड निर्माण के लिए सांसद निधि से राशि उपलब्ध कराने की घोषणा की। उन्होंने सिरपुर के यूनेस्को की संभावित विश्व धरोहर सूची में शामिल होने का भी उल्लेख किया।
विधायक ने सैनिक स्कूल, पीएचसी और जलाशय की मांग रखी
बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने वार्षिक स्नेह सम्मेलन एवं बंधु मिलन को सामाजिक समरसता का अवसर बताया। उन्होंने गढ़फुलझर अंचल में सैनिक स्कूल की स्थापना, ग्राम पंचायत में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा लोअर जोंक वृहद जलाशय निर्माण की मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखी।
कार्यक्रम में बिजेपुर विधायक सनत गढ़तिया, अताबीरा विधायक निहाररंजन महानन्द, बरगढ़ विधायक अश्विनी षढ़ंगी, पूर्व राज्य मंत्री पूनम चंद्राकर, जिला पंचायत अध्यक्ष मोंगरा पटेल, जिला पंचायत सदस्य मोक्ष प्रधान, गढ़फुलझर सरपंच हरप्रीत कौर, भाजपा जिला अध्यक्ष एतराम साहू, छत्तीसगढ़ कोलता समाज अध्यक्ष भुवनेश्वर सदावर्ती, रायगढ़ अध्यक्ष रत्थूलाल गुप्ता, सरगुजा अध्यक्ष रामचंद्र सा, संरक्षक हरिचरण प्रधान, व्यासदेव भोई सहित जनप्रतिनिधि एवं समाज के पदाधिकारी उपस्थित रहे। संभागीय अध्यक्ष गिरधारी साहू ने स्वागत भाषण एवं अभिनंदन पत्र का वाचन किया, जबकि महामंत्री मथामणि बढ़ाई ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
