कावेरी सीड्स के खिलाफ किसानों का हाईवे पर मोर्चा

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भुगतान के लिए रायपुर जा रहे किसान नेताओं को पुलिस ने किया डिटेन, बेलसोंडा में NH-353 पर अनिश्चितकालीन चक्काजाम
176 किसानों के 4.62 करोड़ और मजदूरों के 7.89 लाख बकाया का दावा, 15 माह के ब्याज सहित कुल राशि 6.11 करोड़ पहुंचने का आरोप
महासमुंद। कावेरी सीड्स कंपनी द्वारा बीज उत्पादन कराने के बाद किसानों और मजदूरों का भुगतान नहीं किए जाने का मामला शुक्रवार को सड़क पर उतर आया। कंपनी के रायपुर स्थित कार्यालय का घेराव करने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य साधनों से रायपुर कूच कर रहे प्रभावित किसानों एवं मजदूरों को पुलिस द्वारा डिटेन किए जाने के बाद आक्रोश भड़क गया। किसानों ने बेलसोंडा रेलवे क्रासिंग के पास नेशनल हाईवे-353 पर अनिश्चितकालीन चक्काजाम कर दिया। दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुआ आंदोलन देर तक जारी रहा। किसानों का कहना है कि जब तक बकाया भुगतान को लेकर ठोस पहल नहीं होती, वे हाईवे से नहीं हटेंगे।
पुलिस ने किसान नेता एवं जिला पंचायत सदस्य जागेश्वर जुगनू चंद्राकर तथा भारतीय किसान यूनियन छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष तेजराम विद्रोही को डिटेन कर पुलिस वाहन से खल्लारी ले गई। इसकी जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में किसान और खेतिहर मजदूर बेलसोंडा पहुंच गए और हाईवे पर धरने में बैठ गए। प्रदर्शन में महिलाएं भी शामिल हैं। आंदोलन स्थल पर ही किसानों के लिए भोजन की व्यवस्था की जा रही है।
8 महीने से भुगतान का इंतजार, अब सड़क पर उतरे किसान
किसानों का कहना है कि वे पिछले कई महीनों से भुगतान के लिए जिला प्रशासन से लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान तक गुहार लगा चुके हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। किसान नेताओं के अनुसार इससे पहले 20 फरवरी 2026 को भी किसान रायपुर जाने के लिए निकले थे। बेलसोंडा के पास प्रशासन ने भुगतान कराने का आश्वासन देकर उन्हें रोक लिया था, लेकिन उनका दावा है कि इसके बावजूद अब तक भुगतान नहीं हुआ।
किसानों का आरोप है कि शांतिपूर्ण तरीके से रायपुर स्थित कंपनी कार्यालय जाकर अपनी मांग रखने के लिए वे ट्रैक्टरों में भोजन-पानी सहित आवश्यक सामान लेकर रवाना हुए थे। उनका कहना है कि कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय आंदोलन के लिए जा रहे किसानों को रोकना उनकी आवाज दबाने जैसा है।
176 किसानों का 4.62 करोड़ बकाया होने का दावा
किसान नेता जागेश्वर जुगनू चंद्राकर ने बताया कि कावेरी सीड्स कंपनी लिमिटेड के छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय प्रबंधक राजकुमार रेड्डी के मार्गदर्शन में रबी सीजन 2024-25 में किसानों के खेत लीज पर लेकर बीज उत्पादन कराया गया था। उनके अनुसार उत्पादन के बाद किसानों को अब तक उनकी उपज और मेहनत का पूरा भुगतान नहीं मिला है।
किसान यूनियन के अनुसार छत्तीसगढ़ के सात जिलों के 176 किसानों का कुल 4 करोड़ 62 लाख 29 हजार 866 रुपए भुगतान लंबित है। इनमें अकेले महासमुंद जिले के 85 किसान शामिल हैं। इसके अलावा खेतों में काम करने वाले मजदूरों की 7 लाख 89 हजार 500 रुपए मजदूरी भी बकाया बताई गई है। इस तरह किसानों और मजदूरों का मूल बकाया 4 करोड़ 70 लाख 19 हजार 366 रुपए बताया गया है। यूनियन का दावा है कि जुलाई 2025 से अक्टूबर 2026 तक 15 महीने के लिए 2 प्रतिशत मासिक ब्याज जोड़ने पर यह राशि बढ़कर करीब 6 करोड़ 11 लाख 25 हजार 175 रुपए हो गई है।
मुंशियों को भुगतान, मजदूरों को क्यों नहीं?
भारतीय किसान यूनियन छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष तेजराम विद्रोही ने आरोप लगाया कि बीज उत्पादन कार्य के लिए कंपनी ने स्थानीय स्तर पर मासिक वेतन पर मुंशी नियुक्त किए थे। इनमें से कुछ मुंशियों का छह महीने का भुगतान लंबित था। बाद में कथित समझौते के तहत तीन महीने का भुगतान करते हुए छह मुंशियों को कुल 1 लाख 80 हजार रुपए दिए गए।
विद्रोही का सवाल है कि जब मुंशियों के भुगतान का रास्ता निकाला गया, तो उनके माध्यम से खेतों में काम करने वाले मजदूरों और जिन किसानों के खेतों में बीज उत्पादन कराया गया, उनका भुगतान अब तक क्यों नहीं किया गया।
किसानों का आरोप, कॉरपोरेट को राहत, आंदोलनकारियों पर कार्रवाई
तेजराम विद्रोही ने आरोप लगाया कि किसान-मजदूर लंबे समय से शासन-प्रशासन से भुगतान की मांग कर रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। उनका कहना है कि कंपनी के खिलाफ कार्रवाई और किसानों का भुगतान सुनिश्चित करने के बजाय आंदोलनकारियों को डिटेन किया जाना उचित नहीं है।
किसानों ने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई से उनकी नाराजगी और बढ़ी है। उनका कहना है कि वे शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांग रखने रायपुर जा रहे थे। किसान नेताओं ने स्पष्ट किया है कि जब तक बकाया भुगतान को लेकर ठोस और लिखित पहल नहीं होती, तब तक हाईवे पर उनका आंदोलन जारी रहेगा।
फिलहाल बेलसोंडा में किसानों के चक्काजाम के कारण नेशनल हाईवे-353 पर आवागमन प्रभावित है और मौके पर पुलिस बल तैनात है। खबर लिखे जाने तक नेशनल हाईवे पर चक्काजाम जारी है।

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