महंगाई की मार के बाद अब बस किराया बढ़ाकर जनता की जेब पर डाका: विनोद चंद्राकर

पूर्व विधायक बोले- पेट्रोल-डीजल, गैस और खाद्य सामग्री के बाद सफर भी महंगा; नई किराया दरें तत्काल वापस ले सरकार
महासमुंद। पूर्व संसदीय सचिव एवं पूर्व विधायक विनोद सेवन लाल चंद्राकर ने राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए नई बस किराया दरों को जनविरोधी करार दिया है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल से लेकर खाद्य सामग्री तक बढ़ती महंगाई से पहले ही आम आदमी परेशान है, ऐसे में सरकार ने बस किराया बढ़ाकर रोजमर्रा की यात्रा भी महंगी कर दी है। इससे गरीब, मजदूर, विद्यार्थी, नौकरीपेशा और इलाज के लिए रोजाना सफर करने वाले लोगों पर सीधे अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
चंद्राकर ने कहा कि सरकार जनता को राहत देने के बजाय हर स्तर पर उसकी जेब से वसूली कर रही है। परिवहन विभाग की 8 अक्टूबर 2026 की अधिसूचना के अनुसार नई बस किराया दरें राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से लागू हो गई हैं। नई व्यवस्था के तहत साधारण बस में पहले 5 किलोमीटर के लिए 10 रुपए तथा इसके बाद 1.75 रुपए प्रति किलोमीटर किराया निर्धारित किया गया है। इसी तरह डीलक्स बस में पहले 5 किलोमीटर के लिए 12 रुपए और इसके बाद 2.20 रुपए प्रति किलोमीटर, जबकि सुपर लग्जरी, वोल्वो और स्केनिया जैसी बसों के लिए पहले 5 किलोमीटर का किराया 12 रुपए तथा इसके बाद 3.30 रुपए प्रति किलोमीटर तय किया गया है। रात्रिकालीन बस सेवाओं में 10 प्रतिशत अतिरिक्त किराया भी लिया जाएगा।
महासमुंद के यात्रियों पर सीधा असर
पूर्व विधायक ने कहा कि किराया वृद्धि का सबसे ज्यादा असर महासमुंद जिले के यात्रियों पर पड़ेगा। महासमुंद से रायपुर, सरायपाली, बागबाहरा, खरियार रोड, बलौदाबाजार, राजिम, छुरा और गरियाबंद सहित रोजाना आवाजाही वाले मार्गों पर यात्रियों को पहले की तुलना में अधिक किराया चुकाना पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि जिन यात्राओं में पहले करीब 100 से 150 रुपए खर्च होते थे, उनमें अब 200 से 250 रुपए तक देने पड़ सकते हैं। सुपर लग्जरी और स्लीपर बसों में यात्रा करने वालों पर आर्थिक बोझ और अधिक बढ़ेगा।
चंद्राकर ने कहा कि महासमुंद जिले में बड़ी संख्या में लोग मजदूरी, नौकरी, पढ़ाई और इलाज के लिए प्रतिदिन बसों से आवागमन करते हैं। ऐसे यात्रियों के लिए किराये में यह वृद्धि महज कुछ रुपए की बढ़ोतरी नहीं, बल्कि हर महीने के घरेलू बजट पर सीधा असर है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और खाद्य सामग्री की महंगाई के बाद अब सार्वजनिक परिवहन को भी महंगा कर आम आदमी की परेशानी बढ़ा दी है।
बढ़ोतरी वापस लेने की मांग
पूर्व विधायक ने कहा कि बस किराया बढ़ाने के इस फैसले का पूरे प्रदेश में विरोध हो रहा है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि बढ़ती महंगाई और आम यात्रियों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए नई किराया दरों को तत्काल वापस लिया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का दायित्व जनता को राहत और सस्ती परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है, न कि लगातार बढ़ते खर्च का बोझ आम लोगों की जेब पर डालना।