मिट्टी के दीयों से रोशन हुई लक्ष्मी की जिंदगी, सरकारी मदद से बढ़ा कारोबार

छोटे स्तर से शुरू हुआ काम अब बड़े पैमाने पर पहुंचा, छत्तीसगढ़ महिला कोष ‘सक्षम योजना’ ने दिया आर्थिक संबल
महासमुंद। मेहनत, हुनर और आत्मनिर्भर बनने का जज्बा हो तो परिस्थितियां भी रास्ता देने लगती हैं। महासमुंद शहर के नयापारा वार्ड की रहने वाली श्रीमती लक्ष्मी चक्रधारी की कहानी इसका उदाहरण है। मिट्टी से दीये और मूर्तियां बनाने का पारंपरिक हुनर उनके पास पहले से था, लेकिन सीमित पूंजी के कारण उनका व्यवसाय छोटे स्तर तक ही सिमटा हुआ था। अब छत्तीसगढ़ महिला कोष सक्षम योजना का सहारा मिलने के बाद उनके कारोबार ने नई रफ्तार पकड़ी है और उनकी आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आया है।
पूंजी की कमी बनी थी कारोबार बढ़ाने में बाधा
श्रीमती लक्ष्मी चक्रधारी कुम्हार समुदाय से हैं और लंबे समय से मिट्टी से आकर्षक दीये, मूर्तियां और प्रतिमाएं बनाने का काम करती हैं। पहले वे सीमित संसाधनों के साथ छोटे स्तर पर ही यह व्यवसाय करती थीं। इससे आमदनी भी सीमित रहती थी। व्यवसाय को विस्तार देने के लिए उन्होंने कई बार ऋण लेने का विचार किया, लेकिन अधिक ब्याज दर के कारण कदम आगे नहीं बढ़ा सकीं। इसके बावजूद अपने हुनर को बड़े स्तर पर ले जाने का सपना उन्होंने नहीं छोड़ा।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से मिली योजना की जानकारी
इसी दौरान उन्होंने अपने व्यवसाय को विस्तार देने की इच्छा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से साझा की। उन्हें छत्तीसगढ़ महिला कोष सक्षम योजना के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के समक्ष अपनी जरूरत और व्यवसाय को बढ़ाने की योजना रखी। विभागीय सहयोग से उन्हें योजना के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई। इस मदद ने उनके लिए कारोबार के विस्तार का रास्ता खोल दिया।
अब साथियों के साथ बड़े स्तर पर तैयार कर रहीं प्रतिमाएं और दीये
योजना से मिली आर्थिक सहायता का उपयोग उन्होंने अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने में किया। अब वे अपने साथियों के साथ मिलकर बड़े स्तर पर मिट्टी की सुंदर मूर्तियां, प्रतिमाएं और दीये तैयार कर रही हैं। इससे न केवल उनके काम का दायरा बढ़ा है, बल्कि उन्हें घर से ही रोजगार और आय का बेहतर साधन भी मिला है।
लक्ष्मी चक्रधारी का कहना है कि सरकार की योजना ने उनके हुनर को आगे बढ़ाने का अवसर दिया है। अब उन्हें रोजगार के लिए कहीं बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ती। वे अपने घर और आसपास के क्षेत्र में ही काम करते हुए आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
‘सरकार की योजनाओं ने हमारे हुनर को दिया नया अवसर’
योजना का लाभ मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए श्रीमती लक्ष्मी चक्रधारी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं से उन्हें अपने काम को आगे बढ़ाने में मदद मिली है। पहले पूंजी की कमी के कारण व्यवसाय सीमित था, लेकिन आर्थिक सहयोग मिलने के बाद अब वे बड़े स्तर पर काम कर पा रही हैं।
लक्ष्मी की कहानी यह बताती है कि सरकारी योजनाओं का सही लाभ मेहनतकश महिलाओं तक पहुंचे तो पारंपरिक हुनर भी रोजगार और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन सकता है। मिट्टी को आकार देकर दीये और प्रतिमाएं गढ़ने वाली लक्ष्मी अब अपने भविष्य को भी नए आकार दे रही हैं।

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