सेवा की कहानी: ब्यूटी पार्लर और किराना दुकान से आत्मनिर्भर बनीं ममता साहू

बिहान के सहयोग से शुरू किया व्यवसाय, सालाना दो से ढाई लाख रुपये की आमदनी से बनीं लखपति दीदी
कोरिया,12 अक्टूबर 2026/घर और परिवार की जिम्मेदारियां संभालने वाली कोरिया जिले के ग्राम कुड़ेली की श्रीमती ममता साहू आज ब्यूटी पार्लर और किराना दुकान का संचालन कर आत्मनिर्भर उद्यमी बन गई हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के सहयोग और अपनी मेहनत से उन्होंने सालाना दो से ढाई लाख रुपये की आमदनी अर्जित कर लखपति दीदी के रूप में पहचान बनाई है।
किसान परिवार की बहू ममता साहू बिहान से जुड़ने से पहले मुख्य रूप से घरेलू कामकाज और परिवार की देखभाल में व्यस्त रहती थीं। उनकी स्वयं की नियमित आय नहीं थी। वे घर की जिम्मेदारियों के साथ ऐसा व्यवसाय शुरू करना चाहती थी, जिससे परिवार की आर्थिक जरूरतों में योगदान दे सकें।
ममता के जीवन में बदलाव की शुरुआत आराध्या महिला स्व.सहायता समूह से जुड़ने के बाद हुई। समूह के माध्यम से उन्हें स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी मिली। अपनी आजीविका आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने समूह के सहयोग से मुद्रा योजना के अंतर्गत एक लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया।
इस आर्थिक सहायता से ममता ने अपनी रुचि और गांव में व्यवसाय की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए ब्यूटी पार्लर शुरू किया। इसके बाद किराना दुकान खोलकर आय का दूसरा स्रोत भी विकसित किया। दोनों व्यवसायों में निरंतर मेहनत और लगन से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
ममता साहू ने बताया कि दोनों व्यवसायों से उन्हें सालाना लगभग दो से ढाई लाख रुपये की आमदनी हो रही है। स्वयं की आय अर्जित करने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और परिवार के आर्थिक निर्णयों में भागीदारी भी बढ़ी है।
अन्य महिलाओं को बिहान से जुड़कर आगे बढ़ने का संदेश देते हुए ममता कहती हैं कि महिलाएं अपने कौशल पर भरोसा कर और उपलब्ध अवसरों का उपयोग करके आत्मनिर्भर बन सकती हैं। उनका सफर ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण की प्रेरक मिसाल है।

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