सेवा की कहानी: छोटे पोल्ट्री कारोबार से उद्यमिता तकए पीएमईजीपी से कलामुदीन अंसारी को मिली नई राह
पोल्ट्री फीड निर्माण इकाई से चार गुना हुई मासिक आयए अन्य लोगों को भी मिल रहा रोजगार’
’कोरिया, 12 अक्टूबर 2026/सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण अपना कारोबार आगे नहीं बढ़ा पा रहे कलामुदीन अंसारी के लिए प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम ‘पीएमईजीपी” नई उम्मीद लेकर आया। कोरिया जिले की बैकुंठपुर तहसील के ग्राम सरडी, शिवपुर-चरचा निवासी अंसारी ने योजना के तहत 45 लाख रुपए का ऋण प्राप्त कर पोल्ट्री फीड निर्माण इकाई स्थापित की। अब वे मुर्गियों के लिए आहार तैयार कर बाजार में बेच रहे हैं और अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं।
अंसारी पहले छोटे स्तर पर पोल्ट्री पालन करते थे। इससे होने वाली सीमित आमदनी में पांच सदस्यीय परिवार की जरूरतें पूरी करना कठिन था। वे कारोबार का विस्तार करना चाहते थे, लेकिन पर्याप्त पूंजी का अभाव उनके सामने बड़ी बाधा था। बैंक ऋण की स्वीकृति में देरी भी एक चुनौती बनी हुई थी।
जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र से उन्हें पीएमईजीपी की जानकारी मिली। विभाग के सहयोग से उन्होंने ऑनलाइन आवेदन किया और वर्ष 2025 में योजना का लाभ प्राप्त किया। ऋण राशि से उन्होंने पोल्ट्री फीड निर्माण के लिए मशीनरी और कच्चे माल की व्यवस्था कर अपनी इकाई शुरू की।
विभागीय जानकारी के अनुसार, इकाई स्थापित करने से पहले अंसारी की मासिक आय लगभग 15 हजार रुपए थी, जो अब बढ़कर लगभग 60 हजार रुपए हो गई है। मासिक आय में चार गुना वृद्धि से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और कारोबार को विस्तार मिला है।
कलामुदीन अंसारी की सफलता बताती है कि आर्थिक सहायता और विभागीय मार्गदर्शन मिलने पर छोटे कारोबार को भी आगे बढ़ाया जा सकता है। उनकी पोल्ट्री फीड निर्माण इकाई परिवार की आजीविका का मजबूत आधार बनने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी उपलब्ध करा रही है।
