धान की कटाई शुरू, खरीदी की तारीख अब तक तय नहीं

आलोक चंद्राकर बोले- एक नवंबर से शुरू हो खरीदी, किसानों को मिले 3358 रुपए प्रति क्विंटल
महासमुंद। खेतों में अर्ली वैरायटी का धान कटने लगा है, अक्टूबर के अंत तक अन्य किस्मों की फसल भी पककर तैयार होने की स्थिति में है, लेकिन समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीदी की तारीख को लेकर अब भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसे लेकर कांग्रेस ने सरकार से एक नवंबर से धान खरीदी शुरू करने की मांग उठाई है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के संयुक्त महासचिव एवं जीव-जंतु कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष आलोक चंद्राकर ने कहा कि फसल तैयार होने के साथ किसानों पर धान के सुरक्षित भंडारण का दबाव बढ़ रहा है, ऐसे में खरीदी में देरी उनकी परेशानी बढ़ा सकती है।
चंद्राकर ने कहा कि अधिकांश किसान हार्वेस्टर से धान की कटाई करा रहे हैं। घरों में पर्याप्त भंडारण व्यवस्था नहीं होने के कारण बड़ी मात्रा में धान खुले में रखने की मजबूरी है। ऐसे में बेमौसम बारिश, नमी, सूखत और चूहों से फसल को नुकसान का खतरा बना हुआ है। उनका कहना है कि किसान यदि लंबे समय तक धान रोककर रखते हैं तो सूखत के कारण वजन कम होने से उन्हें सीधे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
पिछली खरीदी का हवाला देकर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि पिछले वर्ष धान खरीदी देर से शुरू होने के कारण किसानों को बारदाना, टोकन और खरीदी केंद्रों पर लंबी कतारों जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। उन्होंने कहा कि इस बार सरकार को पहले से तैयारी पूरी कर किसानों को ऐसी स्थिति से बचाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष फसल में बीमारियों के प्रकोप के कारण किसानों की लागत बढ़ी है और कई किसान कर्ज के दबाव में हैं। ऐसे में समय पर धान खरीदी शुरू होने से किसानों को उपज का भुगतान जल्दी मिल सकेगा और दीपावली सहित आगामी त्योहारों के खर्च की व्यवस्था करने में मदद मिलेगी।
राज्योत्सव के दिन खरीदी शुरू करने की मांग
आलोक चंद्राकर ने मांग की कि एक नवंबर, छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर से धान खरीदी शुरू करने की परंपरा स्थायी की जाए। इससे किसानों को हर साल खरीदी की तारीख को लेकर अनिश्चितता से राहत मिलेगी और खरीदी व्यवस्था की तैयारी भी पहले से की जा सकेगी।
उन्होंने यह भी मांग की कि वर्ष 2023 में किए गए 3100 रुपए प्रति क्विंटल के वादे के साथ केंद्र द्वारा धान के MSP में बढ़ोतरी की राशि को जोड़कर किसानों को कुल 3358 रुपए प्रति क्विंटल का भुगतान किया जाए। कांग्रेस की ओर से 258 रुपए की अतिरिक्त MSP वृद्धि को जोड़कर 3358 रुपए की मांग की जा रही है।
चंद्राकर ने सरकार से किसान हित में शीघ्र निर्णय लेकर एक नवंबर से धान खरीदी की घोषणा करने तथा खरीदी केंद्रों पर बारदाना, टोकन, तौल, परिवहन और भुगतान की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।