धान का दाम 3358 रुपए क्विंटल करो, तीन साल की अंतर राशि चुकाओ

किसान कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, एमएसपी गारंटी कानून और राजीव गांधी किसान न्याय योजना की चौथी किस्त के भुगतान की उठाई मांग
महासमुंद। धान की खेती में लगातार बढ़ रही लागत और किसानों को उपज का उचित मूल्य नहीं मिलने के मुद्दे पर किसान कांग्रेस ने राज्य सरकार के सामने मोर्चा खोल दिया है। महासमुंद जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष मानिक साहू ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर धान का दाम बढ़ाकर 3358 रुपए प्रति क्विंटल करने, समर्थन मूल्य की अंतर राशि का भुगतान करने और किसानों को कानूनी रूप से समर्थन मूल्य की गारंटी देने की मांग की है। किसान कांग्रेस ने लंबित राजीव गांधी किसान न्याय योजना की चौथी किस्त का भुगतान भी तत्काल करने की मांग उठाई है।
तीन साल की अंतर राशि का हो भुगतान
किसान कांग्रेस ने ज्ञापन में वर्ष 2024-25 की 117 रुपए प्रति क्विंटल और वर्ष 2025-26 की 186 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य अंतर राशि किसानों को देने की मांग की है। साथ ही वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य में होने वाली बढ़ोतरी का पूरा लाभ किसानों को दिलाने की बात कही गई है।
मानिक साहू ने कहा कि खाद, बीज, कीटनाशक, डीजल और मजदूरी समेत खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में केवल समर्थन मूल्य घोषित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि किसानों को उनकी उपज का वास्तविक लाभकारी मूल्य मिलना जरूरी है।
15 नवंबर तक खरीदी पर स्थानीय परिस्थितियों का ध्यान जरूरी
ज्ञापन में धान खरीदी की समय-सीमा को लेकर भी व्यावहारिक समस्या सामने रखी गई है। किसान कांग्रेस के अनुसार महासमुंद जिले के बागबाहरा समेत कई इलाकों में अक्टूबर के अंतिम सप्ताह तक धान की फसल कटने की स्थिति में आ जाती है। ऐसे में किसानों के लिए कटी हुई फसल को लंबे समय तक सुरक्षित रखना मुश्किल हो सकता है।
मौसम में बदलाव, बारिश और नमी के साथ ही सीमित भंडारण व्यवस्था किसानों के लिए परेशानी बढ़ा सकती है। किसान कांग्रेस ने मांग की है कि धान खरीदी की व्यवस्था तय करते समय जिले की स्थानीय परिस्थितियों और फसल कटाई के समय को ध्यान में रखा जाए, ताकि किसानों को उपज बेचने के लिए अनावश्यक इंतजार और अतिरिक्त खर्च न उठाना पड़े।
एमएसपी गारंटी कानून की मांग
किसान कांग्रेस ने समर्थन मूल्य गारंटी कानून बनाने की मांग को भी प्रमुखता से उठाया है। संगठन का कहना है कि किसानों को उनकी उपज का न्यूनतम और लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कानूनी व्यवस्था जरूरी है। इससे समर्थन मूल्य का लाभ कागजों तक सीमित रहने के बजाय किसानों तक वास्तविक रूप से पहुंच सकेगा।
बकाया चौथी किस्त का मुद्दा भी उठाया
ज्ञापन में राजीव गांधी किसान न्याय योजना की चौथी किस्त के लंबित भुगतान का मुद्दा भी उठाया गया है। किसान कांग्रेस ने सरकार से बकाया राशि का भुगतान जल्द करने की मांग करते हुए कहा कि बढ़ती कृषि लागत के बीच लंबित भुगतान किसानों के लिए आर्थिक राहत का महत्वपूर्ण माध्यम हो सकता है।
किसान कांग्रेस ने धान का लाभकारी मूल्य, समर्थन मूल्य की अंतर राशि, लंबित भुगतान और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप धान खरीदी व्यवस्था को किसानों से जुड़े प्रमुख मुद्दे बताते हुए सरकार से इन मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है।