बेलसोंडा में बंदर का आतंक

छह दिन में नौ लोगों पर हमला, बच्चों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
जनपद उपाध्यक्ष ने कलेक्टर और वन विभाग से तत्काल रेस्क्यू की मांग की
महासमुंद। बेलसोंडा के स्टेशन पारा में एक आक्रामक नर बंदर का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले छह दिनों में बंदर नौ लोगों पर हमला कर चुका है। लगातार हो रहे हमलों के बावजूद बंदर को पकड़ने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में भय और नाराजगी है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जनपद उपाध्यक्ष श्रीमती हुलसी चंद्राकर ने कलेक्टर विनय कुमार लंगेह और वन विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, बंदर ने महादेव ध्रुव, प्रभात धीवर, नंदलाल निषाद सहित कई लोगों को अपना निशाना बनाया है। रात में इलाज के लिए पहुंचे लोगों और सामान पहुंचाने आए दो व्यक्तियों पर भी बंदर ने हमला किया। बुधवार को वाहन पर चढ़कर बंदर ने जामवंत राव पर हमला कर दिया, जिसके बाद उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, सुनील यादव के घर के पास काम कर रहा एक श्रमिक भी बंदर के हमले में घायल हुआ।
स्कूल-आंगनबाड़ी जाने से डर रहे बच्चे
स्टेशन पारा में प्राथमिक विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र भी संचालित हैं। बंदर के आतंक के कारण अभिभावक बच्चों को स्कूल और आंगनबाड़ी भेजने से डर रहे हैं। सुरक्षा को देखते हुए आंगनबाड़ी केंद्र पिछले चार दिनों से बंद है। इससे बच्चों की पढ़ाई के साथ नियमित गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।
श्रीमती चंद्राकर ने कहा कि बंदर को केवल भगाना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। उसे सुरक्षित तरीके से पकड़कर उपयुक्त स्थान पर पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने प्रशासन और वन विभाग से तत्काल रेस्क्यू टीम भेजने की मांग करते हुए कहा कि लगातार हो रहे हमलों के बीच किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार नहीं किया जाना चाहिए। ग्रामीणों और बच्चों की सुरक्षा के लिए समय रहते प्रभावी कदम उठाना आवश्यक है।