बाल विवाह रोकथाम और बाल संरक्षण में पंचायतों की अहम भूमिका : कलेक्टर
लैंगिक समानता, बाल संरक्षण एवं किशोर सशक्तिकरण पर जिला स्तरीय कार्यशाला
बिलासपुर, 30 सितम्बर 2026/किशोर-किशोरियों के सशक्तिकरण, लैंगिक समानता, बाल विवाह की रोकथाम एवं बाल संरक्षण को लेकर जिला प्रशासन एवं यूनिसेफ-एग्रीकोन फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में कलेक्ट्रेट के मंथन सभाकक्ष में जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें सरपंच, पंचायत सचिव एवं युवोदय के युवा वालंटियर्स ने भाग लिया।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि बाल विवाह की रोकथाम और बच्चों की सुरक्षा में पंचायतों के साथ युवाओं की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने गांवों में सक्रिय युवा वालंटियर्स तैयार कर उन्हें सामुदायिक कल्याण एवं सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया। प्रतिभागियों को बाल विवाह मुक्त एवं नशा मुक्त ग्राम पंचायत बनाने की सामूहिक शपथ भी दिलाई गई। एसएसपी रजनीश सिंह ने नशा मुक्त ग्राम पंचायत के निर्माण के लिए जनप्रतिनिधियों, महिलाओं और युवाओं के सामूहिक प्रयास को जरूरी बताया। जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने बाल मित्र ग्राम पंचायत की अवधारणा समझाते हुए बच्चों के लिए संवेदनशील एवं सुरक्षित वातावरण विकसित करने पर जोर दिया।
कार्यशाला में महिला एवं बाल विकास विभाग के सत्यनारायण राठौर, यूआरसीसी वासुदेव पांडेय, चाइल्डलाइन की प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर सुश्री रीमा तथा यूनिसेफ स्टेट टीम के एसबीसीसी विशेषज्ञ अभिषेक सिंह ने बाल संरक्षण, लैंगिक समानता, रेफरल सेवाओं एवं सामुदायिक सहभागिता पर मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम का समन्वय यूनिसेफ-एग्रीकोन के जिला समन्वयक चेतन यादव एवं टीम ने किया। कार्यशाला में प्रतिभागियों ने सुरक्षित बचपन, समान अवसर और सशक्त किशोर-किशोरियों के लिए ग्राम स्तर पर मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।
