प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना ने बदली जितेश हेडाऊ की आर्थिक तस्वीर
– मत्स्य उत्पादन से 5.50 लाख रूपए का हुआ शुद्ध लाभ
– योजना के तहत मत्स्य पालन के लिए 2 लाख 80 हजार रूपए का मिला अनुदान
राजनांदगांव 26 सितम्बर 2026। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना ग्रामीण क्षेत्रों में मत्स्य पालन को व्यवस्थित एवं लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। जिले के विकासखंड छुरिया के ग्राम चांदो निवासी जितेश कुमार हेडाऊ ने योजना का लाभ लेकर मत्स्य पालन को विस्तार दिया है। संवर्धन पोखर निर्माण से उन्हें मत्स्य पालन के लिए बेहतर सुविधा मिली और उनकी आय में वृद्धि का मार्ग प्रशस्त हुआ। हेडाऊ ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत संवर्धन पोखर निर्माण का लाभ लिया है। योजना के तहत 1 हेक्टेयर जलक्षेत्र विकसित किया गया। जिसमें शासन की ओर से उन्हें 2 लाख 80 हजार रूपए का अनुदान प्राप्त हुआ। योजना के सहयोग से मत्स्य पालन गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने में मदद मिली।
हेडाऊ ने बताया कि उनके द्वारा मछली पालन एवं विक्रय का कार्य किया जाता है। मत्स्य विक्रय से उन्हें 5 लाख 50 हजार रूपए का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त आय का उपयोग परिवार की आवश्यकताओं, बच्चों की शिक्षा तथा कृषि एवं मत्स्य पालन गतिविधियों में पुनर्निवेश के लिए किया जा रहा है।
योजना से मिला आत्मविश्वास, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार –
जितेश कुमार हेडाऊ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में संचालित प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना तथा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में मिल रहे शासकीय सहयोग से उन्हें मत्स्य पालन को आगे बढ़ाने का अवसर मिला है। उन्होंने योजना का लाभ मिलने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि शासन की योजनाएं ग्रामीण परिवारों को स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में सहायक सिद्ध हो रही हैं।
