भीमखोज में बैंक शाखा खोलने की मांग, जिला पंचायत सदस्य ने प्रशासन को भेजा प्रस्ताव
24 हजार से अधिक आबादी वाले क्षेत्र के ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाओं के लिए जाना पड़ता है दूर-दराज -किसान ऋण, पेंशन, छात्रवृत्ति और सरकारी योजनाओं के भुगतान में हो रही परेशानी
महासमुंद। जिला पंचायत सदस्य जागेश्वर जुगनू चंद्राकर ने ग्राम भीमखोज एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में राष्ट्रीयकृत अथवा निजी बैंक की पूर्ण शाखा खोलने की मांग की है। उन्होंने जिला प्रशासन, लीड बैंक प्रबंधन एवं संबंधित बैंकों के उच्चाधिकारियों से क्षेत्र का सर्वे कराकर बैंक शाखा स्थापित करने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने का आग्रह किया है।
चंद्राकर ने बताया कि भीमखोज क्षेत्र आसपास के अनेक गांवों के लिए महत्वपूर्ण स्थानीय केंद्र है। यहां बड़ी संख्या में किसान, ग्रामीण, व्यापारी, मजदूर एवं छोटे व्यवसायी निवास करते हैं। उपलब्ध वर्ष 2011 की क्षेत्रीय सूची के अनुसार क्षेत्र की आबादी करीब 24,278 थी। इसके बाद बीते वर्षों में आबादी में स्वाभाविक वृद्धि हुई है। इसके बावजूद क्षेत्र के कई गांव सीधे बैंकिंग सुविधाओं से नहीं जुड़ पाए हैं।
उन्होंने कहा कि बैंक शाखा के अभाव में ग्रामीणों को खाता खुलवाने, किसान एवं कृषि ऋण, पेंशन, छात्रवृत्ति, सरकारी योजनाओं की राशि, बीमा, डिजिटल बैंकिंग सहित अन्य जरूरी बैंकिंग कार्यों के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में जाना पड़ता है। इससे ग्रामीणों को अतिरिक्त समय और आर्थिक खर्च उठाना पड़ता है।
बैंक ऑफ बड़ौदा समेत किसी भी बैंक की शाखा की मांग
जिला पंचायत सदस्य ने कहा कि भीमखोज में बैंक ऑफ बड़ौदा सहित किसी भी राष्ट्रीयकृत अथवा निजी बैंक की पूर्ण शाखा खोली जाती है तो इससे क्षेत्र के ग्रामीणों, किसानों और छोटे कारोबारियों को स्थानीय स्तर पर बैंकिंग सुविधा मिल सकेगी। उन्होंने संबंधित बैंक प्रबंधन से क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, आबादी और बैंकिंग जरूरतों का सर्वे कराने की मांग की है।
चंद्राकर ने यह भी कहा कि यदि तत्काल पूर्ण शाखा खोलने की प्रक्रिया में समय लगता है तो प्रारंभिक तौर पर बैंकिंग सेवा केंद्र (BC मॉडल) शुरू किया जा सकता है। इसके बाद आवश्यकता एवं व्यवहार्यता के आधार पर पूर्ण बैंक शाखा स्थापित की जाए। उन्होंने कहा कि भीमखोज क्षेत्र में बैंकिंग सुविधा उपलब्ध होने से ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं और वित्तीय सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।
