तंबाकू नियंत्रण एवं कोटपा अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, जिला स्तरीय प्रवर्तन दल का प्रशिक्षण संपन्न

विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों को तंबाकू नियंत्रण संबंधी प्रावधानों एवं प्रवर्तन प्रक्रिया की दी गई जानकारी
कवर्धा, 08 सितंबर 2026/कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति के निर्देश पर तंबाकू उत्पादों के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों की रोकथाम तथा तंबाकू नियंत्रण संबंधी कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में जिला स्तरीय प्रवर्तन दल के लिए एक दिवसीय कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को तंबाकू नियंत्रण से संबंधित कानूनों, विभागीय दायित्वों, प्रवर्तन प्रक्रिया तथा चालानी कार्रवाई के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार तूरेएवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक, एनएचएम श्रीमती अनुपमा तिवारी के मार्गदर्शन में किया गया। प्रशिक्षण का संचालन जिला नोडल अधिकारी, तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम डॉ. रोशनी पटेल द्वारा किया गया। कार्यशाला में पुलिस विभाग, औषधि प्रशासनध्ड्रग विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, श्रम विभाग, परिवहन विभाग तथा नगर पालिका सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण के दौरान तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम में विभिन्न विभागों की भूमिका एवं दायित्व, तंबाकू उत्पादों की बिक्री एवं उपयोग से संबंधित नियमों तथा सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम 2003 के प्रमुख प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण में बताया गया कि तंबाकू का सेवन स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। इससे मुंह, गले एवं फेफड़ों के कैंसर, हृदय रोग तथा श्वसन संबंधी बीमारियों सहित अनेक गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। बीड़ी, सिगरेट, गुटखा, खैनी, जर्दा एवं अन्य धूम्ररहित तंबाकू उत्पाद भी स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हैं। तंबाकू के धुएं से आसपास रहने वाले लोगों, विशेषकर बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। कार्यशाला में आम नागरिकों को तंबाकू सेवन से दूर रहने, बच्चों एवं युवाओं को तंबाकू की लत से बचाने तथा तंबाकू सेवन करने वाले व्यक्तियों को तंबाकू छोड़ने के लिए प्रेरित करने पर विशेष जोर दिया गया। सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू सेवन तथा तंबाकू नियंत्रण संबंधी नियमों के उल्लंघन की स्थिति में कोटपा अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई एवं चालानी प्रक्रिया के संबंध में भी जानकारी प्रदान की गई।
विभागों के समन्वित प्रयासों पर जोर
जिला सलाहकार (एनसीडी) सुश्री आकांक्षा लिखार द्वारा जिला स्तरीय प्रवर्तन दल में शामिल विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उनके विभागीय दायित्वों, प्रवर्तन प्रक्रिया तथा आपसी समन्वय के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से जिले में तंबाकू नियंत्रण संबंधी कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकता है। प्रशिक्षण के दौरान प्रवर्तन दल के सदस्यों को तंबाकू नियंत्रण संबंधी नियमों के उल्लंघन की पहचान, आवश्यक कार्रवाई तथा नियमानुसार चालानी कार्रवाई की व्यवहारिक जानकारी प्रदान की गई। इसका उद्देश्य आगामी समय में जिले में कोटपा-2003 के प्रावधानों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करना तथा तंबाकू उत्पादों के अनियंत्रित उपयोग एवं बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। कार्यशाला में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि तंबाकू नियंत्रण का उद्देश्य केवल कानून एवं नियमों का पालन सुनिश्चित करना नहीं, बल्कि आम नागरिकों में तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, बच्चों एवं युवाओं को तंबाकू से दूर रखना तथा तंबाकू सेवन की रोकथाम के लिए सामुदायिक स्तर पर प्रभावी प्रयास करना भी है।

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