युवक के दस्तावेजों से सिम और बैंक खाता खुलवाकर लाखों का लेन-देन

पैन कार्ड बनवाने के नाम पर हस्ताक्षर कराने का आरोप, सिम और खाते की जानकारी भी नहीं दी; पुलिस ने दर्ज किया अपराध
महासमुंद। युवक की जानकारी और अनुमति के बिना उसके नाम व दस्तावेजों का इस्तेमाल कर सिम कार्ड जारी कराने और बैंक खाता खुलवाकर उसमें लाखों रुपये का लेन-देन किए जाने का मामला सामने आया है। शिकायत के आधार पर सिटी कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक ग्राम परसकोल, वार्ड-11 निवासी नागेंद्र साहू (23) की मार्च 2026 में योगेश चंद्राकर उर्फ मोनू निवासी वार्ड-29, स्टेट बैंक के पास बीटीआई रोड, महासमुंद से पहचान हुई थी। नागेंद्र ने आरोपी से पैन कार्ड बनवाने के संबंध में चर्चा की थी। शिकायत के अनुसार 5-6 मार्च के आसपास आरोपी उसे एक मोबाइल दुकान पर ले गया, जहां उसके नाम से नया सिम कार्ड जारी कराया गया।
इसके अगले दिन आरोपी नागेंद्र को जीएसटी सुविधा केंद्र (च्वाइस सेंटर) ले गया। वहां पैन कार्ड बनवाने की बात कहकर उससे कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए। इसी दौरान उसके नाम से बैंक खाता भी खुलवाया गया। आरोप है कि पूरी प्रक्रिया के बाद न तो सिम कार्ड नागेंद्र को दिया गया और न ही बैंक खाते से संबंधित कोई जानकारी उपलब्ध कराई गई।
कुछ समय बाद नागेंद्र को संदेह हुआ। वह जीएसटी सुविधा केंद्र पहुंचा और आधार कार्ड के माध्यम से जानकारी ली। वहां उसे पता चला कि उसके नाम से बैंक ऑफ बड़ौदा में एक खाता संचालित है। इसके बाद उसने बैंक पहुंचकर खाते का स्टेटमेंट निकलवाया। स्टेटमेंट देखने पर उसके नाम से लाखों रुपये के लेन-देन होने की जानकारी सामने आई।
नागेंद्र ने पुलिस को बताया कि खाते में हुए किसी भी लेन-देन से उसका कोई संबंध नहीं है और उसने किसी को भी खाते के संचालन की अनुमति नहीं दी थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने योगेश चंद्राकर उर्फ मोनू के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है। मामले में पुलिस दस्तावेजों, सिम और बैंक खाते से जुड़े लेन-देन की जांच कर रही है।

इन्हें भी पढ़े