24 भैंसों को ओडिशा ले जाने की तैयारी, चार पुलिस के हवाले
ग्रामीणों ने रोका काफिला; ओडिशा से पहुंचे संदिग्ध समेत कई लोग मौके से भागे
महासमुंद। छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा से कथित रूप से 24 भैंसों को ओडिशा ले जाने के मामले में चार लोगों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया है। घटना 2 सितंबर की रात सरायपाली-तोरेसिंहा मार्ग की बताई जा रही है। शिकायत के अनुसार, भैंसों को सीमा पार कराकर ओडिशा ले जाने की तैयारी थी। मामले में ओडिशा से जुड़े कुछ संदिग्ध मौके से फरार हो गए। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
लालपुर, बागबाहरा निवासी विजय शर्मा ने सरायपाली थाने में दिए आवेदन में बताया कि 2 सितंबर की रात करीब 10 बजे उन्हें सूचना मिली कि सरायपाली से तोरेसिंहा मार्ग होते हुए बड़ी संख्या में भैंसों को ओडिशा ले जाया जा रहा है। सूचना पर वे साथियों के साथ मौके पर पहुंचे, जहां 24 भैंसों के साथ छह लोगों को रोककर पूछताछ की गई।
पूछताछ में कथित तौर पर पता चला कि भैंसों को बस्ती सरायपाली निवासी एक व्यक्ति के माध्यम से छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा तक पहुंचाया जाना था। इसके बाद 3 सितंबर की तड़के करीब 3.50 बजे डायल-112 को सूचना दी गई। पकड़े गए भूपेश बरिहा और ज्ञानेन्द्र लोहार के मोबाइल से ओडिशा के कथित तस्कर को फोन कर पैसे लेने के लिए सीमा क्षेत्र में बुलाया गया।
कुछ देर बाद ओडिशा की ओर से एक व्यक्ति चारपहिया वाहन से पहुंचा। इसी दौरान शिकायतकर्ता और उसका साथी उसे पकड़ने के लिए आगे बढ़े। तभी कार में बैठे भूपेश बरिहा और ज्ञानेन्द्र लोहार मौके से भाग निकले। ओडिशा से आए व्यक्ति के साथ मौजूद उसका साथी भी वाहन से उतरकर जंगल की ओर भाग गया।
शिकायत के मुताबिक, एक व्यक्ति को पकड़कर उसकी गाड़ी की चाबी कब्जे में ली गई और उसे कार में बैठाकर तोरेसिंहा-पदमपुर मार्ग स्थित पुल के पास ले जाया गया। वहां कुछ अन्य लोग भी मौजूद थे। पूछताछ के दौरान संदिग्ध अचानक वाहन से उतरकर नाले में कूद गया और भाग निकला।इसके बाद मौके पर बचे चार लोगों को 24 भैंसों समेत पुलिस के हवाले कर दिया गया। शिकायतकर्ता ने मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
