सिकल सेल रोग से प्रभावित बच्चों और परिवारों को मिला सहयोग, परामर्श एवं नई उम्मीद
रोगी सहायता समूह की बैठक आयोजित, नियमित जांच, उपचार और बेहतर जीवन प्रबंधन पर हुई चर्चा
दंतेवाड़ा, 03 सितंबर 2026/जिले में सिकल सेल रोग से प्रभावित बच्चों एवं उनके परिवारों को जागरूक, सशक्त एवं उपचार से निरंतर जोड़ने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग दंतेवाड़ा द्वारा यूनिसेफ छत्तीसगढ़ एवं एकम फाउंडेशन के तकनीकी सहयोग से रोगी सहायता समूह की बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम में सिकल सेल रोग से प्रभावित बच्चों एवं उनके अभिभावकों सहित स्वास्थ्य विभाग, यूनिसेफ, एकम फाउंडेशन एवं अन्य हितधारकों को मिलाकर कुल 62 प्रतिभागियों ने सहभागिता की।
बैठक का उद्देश्य सिकल सेल रोग की सही जानकारी प्रदान करने, नियमित जांच एवं उपचार के महत्व को समझाने, जटिलताओं की रोकथाम तथा उपचार से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा करना था। इस दौरान अभिभावकों ने बच्चों के स्वास्थ्य, दवा प्रबंधन, पोषण, विद्यालयीन जीवन एवं उपचार से जुड़ी समस्याओं को साझा किया, जिन पर विशेषज्ञों ने आवश्यक मार्गदर्शन दिया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय रामटेके ने समय पर निदान, संक्रमण से बचाव, संतुलित पोषण, दवाओं के नियमित सेवन एवं निरंतर फॉलो-अप के महत्व पर जानकारी दी। उन्होंने प्रभावित परिवारों से स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध सेवाओं का नियमित लाभ लेने की अपील की। विशेषज्ञों ने बताया कि सामुदायिक जागरूकता सिकल सेल रोग के नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। विवाह पूर्व सिकल सेल जांच भविष्य की पीढि़यों में रोग के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकती है।
बैठक में दर्द एवं संक्रमण की रोकथाम, पोषण, टीकाकरण, आवश्यक लैब जांच, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, उपचार एवं रेफरल सेवाओं की जानकारी दी गई। अभिभावकों एवं बच्चों की जिज्ञासाओं का समाधान भी संवादात्मक चर्चा के माध्यम से किया गया। कार्यक्रम में डॉ. रविशंकर काटकर, नोडल अधिकारी, प्रतीक सोनी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला सलाहकार अंकित सिंह एवं डाटा मैनेजर सुवेंदु मिस्त्री उपस्थित रहे। यूनिसेफ के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. श्वेताभ त्रिपाठी, राज्य सलाहकार डॉ. वल्लभ ठक्कर तथा एकम फाउंडेशन की कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. आरती मंडल ने तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम का समापन सिकल सेल रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने, समय पर जांच एवं उपचार को प्रोत्साहित करने तथा प्रभावित बच्चों एवं परिवारों को निरंतर सहयोग एवं परामर्श उपलब्ध कराने के संकल्प के साथ हुआ।
