सांझ ढलते ही सजेगी ‘आवास जनचौपाल’
दंतेवाड़ा जिले में अधूरे आशियानों को मुकम्मल छत देने की नई पहल
सभी जनपद पंचायत सीईओ को कलेक्टर ने दिए निर्देश
दंतेवाड़ा, 03 सितंबर 2026/दिनभर की कड़ी मशक्कत, खेत-खलिहान और मजदूरी से जब ग्रामीण शाम को फुरसत पाएंगे, तो जिला प्रशासन खुद उनकी चौखट पर पहुंचकर उनके आशियाने का सपना पूरा करने का रास्ता तलाशेगा। जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अटके पड़े निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने एक बेहद व्यावहारिक और संवेदनशील पहल शुरू की है, जिसके तहत अब गांवों में शाम के वक्त विशेष ‘आवास जनचौपाल’ लगाई जाएगी। अक्सर दिन के समय सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटना ग्रामीणों के लिए अपनी दिहाड़ी गंवाने जैसा होता है, लेकिन शाम की इस चौपाल से उन्हें अपनी रोजी-रोटी छोड़े बिना ही सीधी प्रशासनिक मदद मिल सकेगी।
इस चौपाल का पूरा खाका इस तरह तैयार किया गया है कि कागजी लेटलतीफी के बजाय मौके पर ही ठोस समाधान निकल सके। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्धारित तारीख और समय पर संबंधित सभी अधिकारी व कर्मचारी अनिवार्य रूप से चौपाल में हाजिर रहें। वहीं पंचायत स्तर पर ग्राम पंचायत सचिवों और रोजगार सहायकों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे गांव के हर उस हितग्राही को चौपाल तक लेकर आएं, जिसका आशियाना किसी न किसी वजह से अधूरा खड़ा है।
चौपाल की छांव में अधिकारी सीधे ग्रामीणों के रूबरू होंगे, जहां निर्माण कार्य की वास्तविक जमीनी हकीकत परखी जाएगी। किस्त मिलने में आ रही तकनीकी अड़चन हो, निर्माण सामग्री की किल्लत या फिर किसी सही मार्गदर्शन की दरकार, हर समस्या की गांठ ग्रामीणों के सामने ही सुलझाई जाएगी। प्रशासन का यह सीधा और आत्मीय प्रयास दंतेवाड़ा के सुदूर इलाकों में अधूरे पड़े मकानों को जल्द से जल्द सुरक्षित, पक्की और स्वाभिमान की छत में तब्दील करने जा रहा है।
