छिलपावन में अफ्रीकन स्वाइन फीवर की पुष्टि, 10 किमी क्षेत्र में निगरानी

1 किमी दायरे को इन्फेक्टेड और 1 से 10 किमी क्षेत्र को सर्विलेंस जोन घोषित किया गया – सूअरों की आवाजाही पर रोक, संक्रमित क्षेत्र में कलिंग व सैनिटाइजेशन की तैयारी
महासमुंद। जिले के विकासखंड महासमुंद के ग्राम छिलपावन में अफ्रीकन स्वाइन फीवर (एएसएफ) की पुष्टि होने के बाद जिला प्रशासन ने संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण के लिए तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधात्मक कदम उठाए हैं। सूअर पालक के यहां से लिए गए सैंपल की जांच रिपोर्ट धनात्मक आने के बाद कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने निर्धारित प्रावधानों के तहत प्रभावित क्षेत्र को संक्रमित एवं निगरानी क्षेत्र में विभाजित करते हुए आवश्यक नियंत्रणात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
जारी आदेश के अनुसार छिलपावन से 1 किलोमीटर की परिधि को इन्फेक्टेड जोन तथा 1 से 10 किलोमीटर की परिधि को सर्विलेंस जोन घोषित किया गया है। यह व्यवस्था आगामी आदेश तक अथवा अधिकतम छह माह की अवधि तक प्रभावशील रहेगी।
इन्फेक्टेड जोन से सूअरों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक
प्रशासन ने इन्फेक्टेड जोन से जीवित सूअरों एवं सूअर उत्पादों की आवाजाही पूर्णतः प्रतिबंधित कर दी है। वहीं सर्विलेंस जोन में सूअरों से संबंधित बाजार एवं दुकानें बंद रखी जाएंगी। संक्रमित क्षेत्र में सूअरों की कटिंग तथा सूकर उत्पादों के विक्रय पर भी रोक रहेगी। प्रतिबंधों का पालन कराने के लिए तहसीलदार, पुलिस एवं परिवहन विभाग के माध्यम से निगरानी की जाएगी।
संक्रमित सूअरों की होगी कलिंग, आहार का भी विनिष्टीकरण
पशु चिकित्सा विभाग द्वारा नेशनल एक्शन प्लान के तहत इन्फेक्टेड जोन में उपलब्ध सूकरों की कलिंग, सर्विलेंस, सैनिटाइजेशन और डिसइन्फेक्शन की कार्रवाई की जाएगी। संक्रमित एवं कलिंग किए गए सूकरों तथा संक्रमित सूअर आहार का नियमानुसार सुरक्षित निपटान किया जाएगा। प्रभावित पशुपालकों के सूअरों एवं आहार के विनिष्टीकरण के लिए भारत सरकार द्वारा निर्धारित दरों के अनुसार क्षतिपूर्ति दिए जाने की कार्रवाई भी की जाएगी।
रेपिड रिस्पांस टीम तैनात, पीपीई किट की व्यवस्था
संक्रमण की स्थिति से निपटने के लिए पशु चिकित्सा विभाग द्वारा रेपिड रिस्पांस टीम का गठन कर निर्धारित कार्यों का संचालन किया जाएगा। टीम को पर्याप्त मात्रा में पीपीई किट एवं आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। क्षेत्र में क्वारेन्टाइन, निगरानी, सैनिटाइजेशन एवं डिसइन्फेक्शन की कार्रवाई भी की जाएगी।
मनुष्यों में नहीं फैलता अफ्रीकन स्वाइन फीवर
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अफ्रीकन स्वाइन फीवर सूअरों में होने वाला अत्यधिक संक्रामक विषाणुजनित रोग है, लेकिन यह रोग सूअरों से मनुष्यों में नहीं फैलता। इसलिए नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और संक्रमण से संबंधित जानकारी मिलने पर तत्काल पशु चिकित्सा विभाग को सूचित करें।
उल्लंघन पर होगी दंडात्मक कार्रवाई
प्रशासन ने प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, पशुओं के संक्रामक और सांसर्गिक रोगों का निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम, 2009 तथा अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी है। अधिकारियों को संक्रमित क्षेत्र में लगातार निगरानी रखने तथा संक्रमण की रोकथाम के लिए आवश्यक सभी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
आपात स्थिति में कंट्रोल रूम से करें संपर्क
जिला प्रशासन ने नागरिकों और पशुपालकों से सहयोग की अपील की है। किसी भी आपात स्थिति अथवा अफ्रीकन स्वाइन फीवर से संबंधित सूचना के लिए जिला कंट्रोल रूम महासमुंद में रेपिड रिस्पांस टीम के नोडल अधिकारी एवं वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.जी. यादव से मोबाइल नंबर 90099-47155 पर संपर्क किया जा सकता है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।