कलेक्टर ने प्राचार्यों एवं शिक्षकों की बैठक लेकर शिक्षा गुणवत्ता के कार्यों की गहन समीक्षा की

विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा एवं उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम के लिए जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
शिक्षकों की कमी वाले शालाओं में शीघ्र संगवारी गुरूजी एवं मानसेवी शिक्षक नियुक्त करने की दी जानकारी
बालोद, 08 अगस्त 2026/कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा आज संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में जिले के बालोद एवं डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के हायर सेकण्डरी एवं हाई स्कूल के प्राचार्यों और शिक्षकों की बैठक लेकर शिक्षा गुणवत्ता के कार्यों की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों के अलावा सभी प्राचार्यों एवं शिक्षकों को विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ उत्कृष्ट परीक्षा परिणामों के लिए पुख्ता उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करना शासन के सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। इसलिए इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नही की जाएगी। बैठक में उन्होंने स्कूलवार शिक्षा गुणवत्ता में सुधार एवं परीक्षा परिणाम को उत्कृष्ट बनाने हेतु किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की। इस मौके पर उन्होंने कार्य में लापरवाही बरतने वाले प्राचार्यों एवं शिक्षकों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की भी चेतावनी दी। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने सुबह 11 बजे से प्रथम पाली में बालोद विकासखण्ड एवं द्वितीय पाली में दोपहर 03 बजे से डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के प्राचार्यों एवं शिक्षकों की बैठक ली। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी दीपक दुबे एवं विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों के अलावा दोनों विकासखण्डों के हाई स्कूल एवं हायर सेकण्डरी स्कूलों के प्राचार्यों के अलावा अन्य अधिकारियों एवं शिक्षकगण उपस्थित थे।
बैठक में कलेक्टर ने दोनों विकासखण्डों के स्कूलवार शिक्षा सत्र 2025-26 में कक्षा 10वीं एवं 12वीं की परीक्षा परिणाम, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति, कमजोर बच्चों की स्थिति में सुधार तथा विद्यालय के परीक्षा परिणाम को और अधिक बेहतर बनाने हेतु किए जा रहे उपायों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी ली। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने जिन विषयों का परीक्षा परिणाम संतोषप्रद नही रहा उन विषयों के शिक्षकों को तलब कर उसका कारण पूछा। कलेक्टर ने प्राचार्यों और शिक्षकों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि परीक्षा परिणाम खराब या संतोषप्रद नही होने पर उनके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। श्रीमती मिश्रा ने जिला शिक्षा अधिकारी को संबंधित प्राचार्यों एवं शिक्षकों के विरूद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्कूलवार जून एवं जुलाई माह में विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति 85 प्रतिशत से कम नही होना चाहिए। उन्होंने बच्चों की उपस्थिति 85 प्रतिशत से कम होने पर कार्रवाई की भी चेतावनी दी। कलेक्टर ने विद्यालय में बच्चों की नियमित उपस्थिति एवं परीक्षा परिणाम में सुधार लाने हेतु पालकों के साथ नियमित रूप से बैठक आयोजित कर उन्हें समझाईश देने को कहा। इसके अलावा उन्होंने प्राचार्यों एवं शिक्षकों को पालकों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने के भी निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति तथा अध्यापन कार्य के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि शिक्षा गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित करने तथा समय पर पाठ्यक्रम को पूरा कराने हेतु शिक्षकों को निर्धारित समयावधि में अपने कार्यों का संपादन करना आवश्यक है। उन्होंने सभी प्राचार्यों को किसी भी शिक्षक-शिक्षिका का 15 दिन से अधिक का संतान पालन अवकाश स्वीकृत नही करने के भी निर्देश दिए। श्रीमती मिश्रा ने सभी प्राचार्यों को संतान पालन हेतु 15 दिन से अधिक की अवकाश के लिए आवेदन प्राप्त होने पर जिला शिक्षा अधिकारी को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने सभी प्राचार्यों से शिक्षकों के रिक्त पदों के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जिन विद्यालयों में विषय शिक्षक उपलब्ध नही है वैकल्पिक व्यवस्था के रूप संगवारी गुरूजी की नियुक्ति की जाएगी। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि इसके अंतर्गत डीएमएफ प्रभावित क्षेत्रों में डीएमएफ के माध्यम से संबंधित शालाओं में संगवारी गुरूजी शीघ्र नियुक्ति की जाएगी। इसके अलावा उन्होंने डीएमएफ प्रभावित क्षेत्र के बाहर के स्कूलों में शाला विकास समिति के माध्यम से मानसेवी शिक्षकों की नियुक्ति करने के निर्देश शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं प्राचार्यों को दिए। बैठक में कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने शिक्षकों की कमी को देखते हुए अधिकारियों को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नेवारीकला एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सांकरा में शीघ्र संगवारी गुरूजी की पद की नियुक्ति करने के निर्देश दिए।
बैठक में श्रीमती मिश्रा ने स्कूलवार अधोसंरचना से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी स्कूलों में आवश्यकतानुसार जिला खनिज न्यास निधि एवं वीबी जीरामजी योजना से अतिरिक्त कक्ष, बालिका शौचालय, आहता निर्माण के लिए तत्काल प्रस्ताव प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि सभी शालाओं में बालिका शौचालयों का निर्माण किया जाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी प्राचार्यों को विद्यालय में बालिका शौचालय उपलब्ध नही होने पर इसके लिए तत्काल प्रस्ताव प्रेषित करने के भी निर्देश दिए। श्रीमती मिश्रा ने सभी प्राचार्यों एवं शिक्षकों को एक-एक बच्चों को गोद लेकर इसके परीक्षा परिणाम को बेहतर बनाने हेतु जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने विद्यालय के मेधावी बच्चों का चयन कर इनके परीक्षा परिणाम को और अधिक बेहतर बनाने के उपाय सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर ने कहा कि कक्षा 12वीं में उत्कृष्ट अंक अर्जित करने वाले गरीब एवं जरूरतमंद बच्चों को आगे की पढ़ाई हेतु स्पाॅन्सरशीप योजना के माध्यम से शिक्षण शुल्क एवं अन्य जरूरी मदद उपलब्ध कराने का प्रावधान होने की भी जानकारी दी। इसके अलावा उन्होंने इन बच्चों को सीएसआर एवं डीएमएफ के माध्यम से मदद उपलब्ध कराने की बात कही। श्रीमती मिश्रा ने गंभीर बीमारियों से ग्रसित विद्यार्थियों को आरबीएस (राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम) के अंतर्गत उत्कृष्ट शिक्षण संस्थानों में निःशुल्क इलाज कराए जाने की भी जानकारी दी। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों तथा सभी प्राचार्यों एवं शिक्षकों को इन बच्चों को चिन्हित कर समय पर इन्हें मदद उपलब्ध कराने हेतु तत्काल जानकारी उपलब्ध कराने को कहा। इसके अलावा उन्होंने विद्यार्थियों को नशापान से दूर रखने की समुचित उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को नशापान से दूर रखना हम सभी का सामाजिक उत्तरदायित्व भी है। श्रीमती मिश्रा ने शिक्षा विभाग के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को गत 30 जुलाई को जिला प्रशासन द्वारा आयोजित वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करते हुए पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन के पुनीत कार्य में सहभागिता निभाने के लिए हृदय से धन्यवाद भी ज्ञापित किया।