संत रविदास जयंती पर भाजपा का समरसता संकल्प अभियान शुरू

वाराणसी से लाए गए माटी युक्त पवित्र कलश का जिलेभर में होगा भ्रमण, समरसता और सामाजिक एकता का दिया जाएगा संदेश
महासमुंद। संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा प्रदेशव्यापी ‘समरसता संकल्प अभियान’ प्रारंभ किया गया है। अभियान के माध्यम से संत रविदास के समरसता, समानता, सामाजिक सद्भाव और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया है।
भाजपा जिलाध्यक्ष येतराम साहू ने बताया कि समाज में समरसता और सामाजिक एकता को सशक्त बनाने की दिशा में यह अभियान महत्वपूर्ण पहल है। इसके अंतर्गत जिलेभर में वाराणसी से लाए गए माटी युक्त पवित्र कलश का स्वागत एवं कलश यात्रा आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि संत रविदास का जीवन समान अवसर, मानव सेवा और सामाजिक सद्भाव का अनुपम संदेश देता है, जो आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
उन्होंने कहा कि अभियान जिले के प्रत्येक मंडल और ग्राम तक पहुंचेगा, जहां समाज के सभी वर्गों के बीच संवाद स्थापित कर एकता, संवेदनशीलता और समावेशिता की भावना को मजबूत किया जाएगा। यह अभियान आगामी वर्ष की माघ पूर्णिमा तक निरंतर संचालित रहेगा। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ता संत रविदास के जीवन-दर्शन, उनके विचारों और समरस समाज की अवधारणा को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करेंगे।
जिलाध्यक्ष ने जानकारी दी कि समरसता संकल्प अभियान के तहत वाराणसी से लाए गए माटी युक्त पवित्र कलश का पूजन राजधानी रायपुर स्थित श्रीराम मंदिर में संत-महात्माओं की गरिमामयी उपस्थिति में किया जाएगा। इसके बाद 4 अगस्त को पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, संत-महात्माओं एवं विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में इन कलशों का वितरण किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी 36 संगठन जिलों के जिलाध्यक्षों को माटी युक्त पवित्र कलश सौंपे जाएंगे। इसके पश्चात प्रदेश के 479 मंडलों में कलश यात्रा और स्वागत कार्यक्रम आयोजित होंगे। महासमुंद जिले के सभी मंडलों में भी कलश भ्रमण के माध्यम से संत रविदास के समरस समाज के संदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
येतराम साहू ने जिले के सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों से अभियान में सक्रिय सहभागिता का आह्वान करते हुए कहा कि संत रविदास के विचार आज भी सामाजिक समरसता, समानता, सद्भाव और राष्ट्र निर्माण के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान उनके आदर्शों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम सिद्ध होगा।